कांग्रेस नेता Randeep Singh Surjewala ने केंद्र की Bharatiya Janata Party सरकार पर ‘खाद राशनिंग’ (Rationing - सीमित वितरण) लागू करने का आरोप लगाते हुए बड़ा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Twitter (अब X) पर पोस्ट कर उन्होंने दावा किया कि सरकार “नई व्यवस्था” के नाम पर किसानों के अधिकार सीमित कर रही है।

0 Farmer ID और e-PoS के जरिए खाद पर कंट्रोल का आरोप, बजट कटौती और राशनिंग को लेकर केंद्र सरकार को घेरा

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। कांग्रेस नेता Randeep Singh Surjewala ने केंद्र की Bharatiya Janata Party सरकार पर ‘खाद राशनिंग’ (Rationing – सीमित वितरण) लागू करने का आरोप लगाते हुए बड़ा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Twitter (अब X) पर पोस्ट कर उन्होंने दावा किया कि सरकार “नई व्यवस्था” के नाम पर किसानों के अधिकार सीमित कर रही है।

Farmer ID और e-PoS से खाद पर कंट्रोल!

सुरजेवाला के मुताबिक सरकार ‘Farmer ID (किसान पहचान)’ और e-PoS (Electronic Point of Sale – इलेक्ट्रॉनिक मशीन) के जरिए खाद वितरण को जमीन के रिकॉर्ड से जोड़ रही है। आरोप है कि इससे देशभर में खाद की “राशनिंग” शुरू हो गई है।

कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया:
जो किसान दूसरों की जमीन ठेके या बटाई पर खेती करते हैं, उन्हें खाद कैसे मिलेगी?
क्या सरकार उन्हें किसान मानने से इनकार कर रही है?

राज्यों में तय की जा रही लिमिट

पोस्ट में दावा किया गया:
Uttar Pradesh: प्रति हेक्टेयर 7 बोरी यूरिया की सीमा
Haryana: ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ के तहत प्रति एकड़ 3 कट्टे

₹87,000 करोड़ की कटौती से पैदा हुई किल्लत?

सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि खाद संकट की असली वजह बजट में भारी कटौती है:
FY 2022-23: ₹2.54 लाख करोड़ (खर्च)
FY 2026-27: ₹1.71 लाख करोड़ (बजट)
उनके मुताबिक इसी कटौती को छिपाने के लिए राशनिंग लागू की जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ीं, राहत नहीं मिली

पोस्ट में यह भी कहा गया कि जब वैश्विक स्तर पर खाद और कच्चे माल की कीमतें बढ़ीं, तब सरकार को किसानों को राहत देनी चाहिए थी, लेकिन बजट घटा दिया गया।

किसानों को पूरा हक चाहिए, पाबंदियां नहीं

कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार से मांग की कि किसानों को पूरी खाद उपलब्ध कराई जाए और किसी भी तरह की सीमा (Limit) न लगाई जाए।

कांग्रेस नेता द्वारा लगाए गए इस आरोप के बाद सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।