Dharm Desk – खगोल और ज्योतिष के लिहाज से बड़ा घटनाक्रम 12 अगस्त को होने जा रहा है. जब साल का दूसरा और बेहद खास वलयाकार सूर्य ग्रहण दिखाई देगा. यह खगोलीय घटना उन लोगों के लिए खास अवसर होगी. जो अंतरिक्ष के रहस्यों को करीब से देखने और समझने में रुचि रखते हैं. यह सूर्य ग्रहण सावन की हरियाली अमावस्या के दिन लगेगा. खगोल विज्ञान के अनुसार यह वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा. जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाएगा, बल्कि उसके चारों ओर आग के छल्ले जैसा दृश्य बनेगा, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है. यह नजारा बेहद दुर्लभ और आकर्षक होता है.

इन जगहों पर दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, क्योंकि उस समय यहां रात होगी. इसलिए इसका सूतक मान्य भी नहीं होगा. लेकिन यूरोप के कई हिस्सों, कनाडा, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी स्पेन, अटलांटिक महासागर और रूस के कुछ क्षेत्रों में इसे स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा. यही कारण है कि वैज्ञानिकों और खगोलविदों के लिए यह एक बड़ा अवसर माना जा रहा है.
ज्योतिष के नजरिए से भी यह ग्रहण खास
यह ग्रहण 12 अगस्त की रात लगभग 9.04 मिनट से शुरू होकर 13 अगस्त की सुबह 4.25 मिनट तक रहेगा. भले ही यह भारत में दिखाई न दे, लेकिन इसका ज्योतिषीय प्रभाव चर्चा का विषय बना रहेगा. इस बार का सूर्य ग्रहण कर्क राशि में लग रहा है. जिसका स्वामी चंद्रमा है. जो मन और भावनाओं का कारक होता है. ऐसे में लोगों के मन में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं. कर्क राशि में बृहस्पति की उपस्थिति सकारात्मक प्रभाव भी दे सकती है.
इन राशियों को सूर्य ग्रहण से फायदा
राशियों की बात करें तो मिथुन राशि वालों के लिए करियर में उन्नति के संकेत हैं और कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. कर्क राशि के जातकों में नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी और रिश्तों में मजबूती आएगी. वहीं कन्या राशि वालों के फैसले इस समय सही साबित हो सकते हैं l रिश्तों में सुधार देखने को मिलेगा.
ग्रहण के बाद दान-पुण्य का विशेष महत्व
ग्रहण के बाद दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है. इस दिन चीनी, दूध, चावल या शर्बत का दान करने के साथ भगवान विष्णु और गणेश जी की पूजा करने से सकारात्मक फल मिल सकते है.

