सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े फैसले के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. कोयला खदान आवंटन मामले में अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के खिलाफ जारी समन को रद्द कर दिया है. इसके साथ ही अदालत ने जांच एजेंसी की उस रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है जिसमें मामले को बंद करने की बात कही गई थी. इस फैसले के बाद हरियाणा कांग्रेस लीगल विभाग ने खुशी जाहिर की है और इसे सच्चाई की बड़ी जीत बताया है.

2014 के दावों पर उठे सवाल

कांग्रेस लीगल विभाग के प्रदेश अध्यक्ष लाल बहादुर खोवाल और मीडिया प्रभारी बजरंग इंदल ने इस मामले पर साझा बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के चुनावों से पहले इस मामले को एक राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया था. पूर्व प्रधानमंत्री की बेदाग छवि को खराब करने का प्रयास किया गया था. अब अदालत के इस ताजा कदम ने सालों पुराने राजनीतिक दावों की हवा निकाल दी है.

विरोधियों से माफी की मांग

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री की सादगी और ईमानदारी पर पूरा देश भरोसा करता है. इसके बावजूद इतने सालों तक उनके ऊपर गलत आरोप लगाकर जनता को असली मुद्दों से भटकाया गया. खोवाल ने कहा कि अब विरोधी पार्टी को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए. उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री और देश की जनता से खुलकर माफी मांगनी चाहिए.

न्याय प्रणाली पर बढ़ा विश्वास

नेताओं ने याद दिलाया कि देश को आर्थिक मजबूती देने में पूर्व प्रधानमंत्री का बहुत बड़ा योगदान रहा है. मनरेगा और सूचना का अधिकार जैसे बड़े कानून उन्हीं के दौर में आए थे. ऐसे में उन पर गलत आरोप लगाना पूरी तरह अनुचित था. नेताओं का कहना है कि अदालत के इस फैसले से देश की न्याय व्यवस्था पर आम लोगों का विश्वास और ज्यादा मजबूत हुआ है

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