आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) के मौके पर बड़ा सियासी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ‘Gen-Z’ के बाद अब ‘Gen-Alpha’ ने मोर्चा संभाल लिया है और सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाओं के लिए अपनी आवाज उठानी शुरू कर दी है। केजरीवाल ने कहा कि नई पीढ़ी अब अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से अधिक जागरूक हो रही है। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की सुविधाओं और शिक्षा के स्तर को लेकर अपनी बात रखी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं, अच्छा शैक्षणिक माहौल और विद्यार्थियों के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी इन मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर रही है।
‘जेन-जी’ के बाद अब ‘जेन-अल्फा’ ने संभाला मोर्चा
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर संदेश जारी कर नई पीढ़ी के बच्चों को लेकर बात रखी। उन्होंने कहा कि इस बार का 15 अगस्त उनके लिए और भी खास है, क्योंकि ‘जेन-जी’ के बाद अब ‘जेन-अल्फा’ ने मोर्चा संभाल लिया है। केजरीवाल ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में बच्चे अपने स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए आवाज उठा रहे हैं। वे स्कूलों में डेस्क, साफ पानी, शौचालय और पर्याप्त शिक्षकों जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों का अपने स्कूल की सुविधाओं को लेकर सवाल उठाना यह दिखाता है कि नई पीढ़ी शिक्षा और अपने भविष्य को लेकर जागरूक हो रही है। केजरीवाल ने स्कूलों में जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया।
‘बच्चों ने अपने अधिकारों के लिए लड़ना सीख लिया है- केजरीवाल’
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बच्चों ने अब अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना सीख लिया है और यही सच्ची आजादी है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जारी अपने संदेश में उन्होंने देशभर के बच्चों की ओर से बुनियादी सुविधाओं को लेकर उठाई जा रही मांगों का जिक्र किया। केजरीवाल ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में बच्चे अपने स्कूलों में बेहतर सुविधाओं के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर, देहरादून और बाड़मेर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां छात्र बेहतर सड़कों और पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों का अपने अधिकारों और सुविधाओं के लिए आवाज उठाना सकारात्मक बदलाव का संकेत है। केजरीवाल ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जब बच्चे अपने अधिकारों के लिए सवाल करना और संघर्ष करना सीखते हैं, तो यही लोकतंत्र और आजादी की वास्तविक भावना को दर्शाता है।
कौन है Gen-Z और कौन है Gen-Alpha?
‘Gen-Z’ और ‘Gen-Alpha’ का जिक्र करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब Gen-Z के बाद Gen-Alpha भी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने लगी है। आम तौर पर 1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी को Gen-Z और 2012 से 2024 के बीच जन्मी पीढ़ी को Gen-Alpha कहा जाता है। केजरीवाल ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी खबरें सामने आ रही हैं, जहां छोटे बच्चे अपने स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे अपने स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।
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