एयर इंडिया की फुकेट-दिल्ली A320 फ्लाइट में आए टर्बुलेंस मामले की जांच के बीच एक नया दावा सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच के दौरान संबंधित पायलट ने स्वीकार किया है कि वह उड़ान के दौरान करीब आधे घंटे तक सो गया था। यह दावा पहले से चल रही उस जांच के बीच सामने आया है, जिसमें पायलट पर कथित रूप से नशे की हालत में विमान उड़ाने के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पूछताछ के दौरान पायलट ने जांच अधिकारियों को बताया कि वह निजी कारणों और मानसिक तनाव से गुजर रहा था। इसी वजह से उसे लंबे समय से पर्याप्त नींद नहीं मिल पा रही थी और नींद से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। पायलट ने कथित तौर पर कहा कि इसी कारण उड़ान के दौरान वह कुछ समय के लिए सो गया।
जांच एजेंसियां कर रही हैं पड़ताल
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विमानन प्राधिकरण और जांच एजेंसियां फ्लाइट से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। इसमें पायलट की मेडिकल स्थिति, ड्यूटी शेड्यूल, कॉकपिट रिकॉर्ड, फ्लाइट डेटा और अन्य तकनीकी जानकारियों की समीक्षा शामिल है। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित पायलट पर नशे की हालत में विमान संचालन करने के आरोपों की जांच चल रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी आधिकारिक जांच रिपोर्ट में अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पायलट ने जांच अधिकारियों को बताया कि निजी कारणों और मानसिक तनाव की वजह से उसे पर्याप्त नींद नहीं मिल पा रही थी। उसने कथित तौर पर कहा कि उड़ान के दौरान वह लगभग 30 से 35 मिनट के लिए सो गया था। पूछताछ में पायलट ने स्वीकार किया कि उसे काफी समय से नींद नहीं आने की समस्या थी। इसी कारण वह अपने पारिवारिक डॉक्टर की सलाह पर नींद की गोलियों का सेवन करता था। जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि उसकी स्वास्थ्य स्थिति और दवाओं का उड़ान संचालन पर कोई प्रभाव पड़ा था या नहीं।
घटना को लेकर सामने आए कई दावे
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआत में यह खबर सामने आई थी कि संबंधित पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि पायलट कथित रूप से नशीले पदार्थ के प्रभाव में था। बाद में जांच से जुड़े अन्य दावों में विमान की तकनीकी स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए गए। उड़ान के दौरान विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम में कथित तौर पर तीन बार खराबी आई थी। हालांकि, इन दावों पर अभी तक किसी जांच एजेंसी या एयर इंडिया की ओर से अंतिम आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ऑटो पायलट बंद होने का भी दावा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उड़ान के दौरान ऑटो पायलट सिस्टम भी कुछ समय के लिए बंद हो गया था। इसके बाद सह-पायलट (को-पायलट) ने मैन्युअल तरीके से विमान का नियंत्रण संभाला। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि विमान के कुछ इंडिकेटर स्विच अस्थायी रूप से काम करना बंद कर गए थे। इसी दौरान विमान को तेज वायु अशांति (टर्बुलेंस) का सामना करना पड़ा और कथित तौर पर विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया। हालांकि, इन तकनीकी पहलुओं की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित पायलट ने पूछताछ के दौरान अनिद्रा (इंसोम्निया) की समस्या होने और डॉक्टर की सलाह पर नींद की दवा लेने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा उड़ान के दौरान कुछ समय के लिए सो जाने और क्रू सदस्य से लाइटर मांगने जैसे दावे भी सामने आए हैं। इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
टर्बुलेंस में 17 लोग हुए थे घायल
4 अगस्त को हुई इस घटना में कुल 17 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। घायलों में यात्री और क्रू सदस्य दोनों शामिल थे। टर्बुलेंस के दौरान विमान के अंदर कई लोगों को चोटें आई थीं, जिसके बाद घटना ने विमानन सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी थी। घटना के बाद एयर इंडिया ने एहतियातन दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया है। वहीं, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। जांच में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, कॉकपिट रिकॉर्डिंग, पायलटों की मेडिकल स्थिति, तकनीकी रिकॉर्ड और अन्य संबंधित तथ्यों की समीक्षा की जा रही है।
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