मऊ में शैक्षिक संगोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान समारोह में मंत्री ए.के. शर्मा ने शिक्षकों को समाज और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी बताया. उन्होंने कहा कि मऊ के बच्चों के हाथों में किताब, कंप्यूटर और आधुनिक तकनीक होनी चाहिए.
मऊ. जिले में प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा दोहरीघाट द्वारा शनिवार को शैक्षिक संगोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने शिक्षकों के योगदान को नमन करते हुए शिक्षा और तकनीक को भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया.
ए.के. शर्मा ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं. शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, संस्कार, सोच और भविष्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
उन्होंने कहा कि शिक्षक का सम्मान वास्तव में राष्ट्र निर्माण की शक्ति का सम्मान है.
गुरुजनों के योगदान को याद किया
मंत्री ने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि कक्षा 9वीं और 10वीं की पढ़ाई के दौरान डीएवी, मऊ में गुरुजनों से मिले संस्कार, शिक्षा और मार्गदर्शन आज भी उनके जीवन में प्रेरणा का स्रोत हैं.
इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान भी उन्हें अनेक विद्वान गुरुजनों का सान्निध्य मिला. उन्होंने कहा कि जीवन में मिली उपलब्धियों में माता-पिता के साथ-साथ गुरुजनों के आशीर्वाद, संस्कार और मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है.
बेटियों की शिक्षा पर जोर
ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों ने बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया है.
आज देश की बेटियां डिफेंस, स्पेस, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, प्रशासन और खेल सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं. उन्होंने कहा कि बेटियों को समान अवसर और बेहतर शिक्षा देना देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है.
शिक्षा व्यवस्था में पहल
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है.
उन्होंने कहा कि मिशन कायाकल्प के माध्यम से विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का विकास, शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि, रसोइयों के मानदेय में वृद्धि तथा शिक्षकों के आयुष्मान कार्ड जैसी पहल शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के हित में महत्वपूर्ण कदम हैं.
मऊ को नई दिशा
मऊ के बदलते स्वरूप और भविष्य की दिशा पर जोर देते हुए ए.के. शर्मा ने कहा कि अब जनपद को नई पहचान और नई दिशा की जरूरत है.
उन्होंने कहा, “अब मऊ में कट्टे की नहीं, कंप्यूटर की जरूरत है. हिंसा की नहीं, शिक्षा और तकनीक की जरूरत है”. उन्होंने कहा कि मऊ के बच्चों के हाथों में किताब, कंप्यूटर और आधुनिक तकनीक होनी चाहिए, ताकि वे देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें.



