हरियाणा के अंबाला जिले के उगाला गांव में एक महिला ने खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर ससुराल पक्ष से लगभग 9 करोड़ रुपये की ठगी की। शिकायतकर्ता तरणप्रीत सिंह की तहरीर और आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद बराड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

अंबाला। जिले में स्थित उगाला गांव में एक बहू द्वारा ससुराल वालों को करोड़ों का चूना लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता परिवार की शिकायत और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की प्राथमिक जांच के बाद बराड़ा थाना पुलिस ने आरोपी महिला अनुप्रीत कौर, उसके कथित साथी साहिल रोठान और अन्य सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी व जाली दस्तावेज तैयार करने का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

कृषि भूमि और संपत्ति हड़पी

पीड़ित तरणप्रीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मार्च 2018 में उसका विवाह अनुप्रीत कौर के साथ हुआ था। विवाह के समय ससुराल पक्ष को बताया गया था कि युवती संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रही है। शादी के बाद व्यापार में मुनाफे और जमीन खरीदने का प्रलोभन देकर पीड़िता परिवार की 10 एकड़ कृषि भूमि बिकवा दी गई और करीब 5 करोड़ रुपये निवेश के नाम पर ऐंठ लिए गए।

फर्जी दस्तावेज और नियुक्ति पत्र

वर्ष 2022 से मई 2026 के बीच आरोपियों ने षड्यंत्र रचकर जाली ई-मेल, फर्जी सरकारी लेटरहेड, नकली मुहरें और सिक्योरिटी क्लीयरेंस के पत्र भेजे। इनके जरिए परिवार को यकीन दिलाया गया कि अनुप्रीत की नियुक्ति आयकर विभाग में उच्च पद पर हो गई है। इसके अलावा शिकायतकर्ता को भी चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में नौकरी लगवाने का फर्जी पत्र देकर 15 जुलाई 2026 की जॉइनिंग डेट बताई गई और उनसे 3 करोड़ रुपये और हड़प लिए गए।

बैंक और एजेंसी में हेराफेरी

जालसाजी की यह परतें यहीं खत्म नहीं हुईं। आरोपी महिला पर शिकायकर्ता की बहन के जाली हस्ताक्षर कर बैंक खातों से 40 लाख रुपये निकालने का भी आरोप है। इसके अलावा परिवार की उगाला स्थित गैस एजेंसी के कैश लेन-देन का नियंत्रण अपने हाथ में रखकर लगभग 1 करोड़ रुपये का गबन किया गया और फर्जी लीज डीड तैयार कर ली गई।

पुलिस जांच में जुटी

शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी महिला रात की ड्यूटी का बहाना बनाकर घर से गायब रहती थी। बाद में उसके बिना तलाक दिए दूसरे व्यक्ति से विवाह करने के साक्ष्य भी सामने आए। बराड़ा थाना पुलिस का कहना है कि बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल डिटेल, ई-मेल और जाली कागजातों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।