पटना। पूर्व सांसद आनंद मोहन ने अपने तीन दिवसीय गया दौरे के दौरान बिहार की सरकार को कई मुद्दों पर घेरा है। उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार, शराबबंदी नीति, युवाओं के असंतोष और राजनीति में बढ़ते अहंकार को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति का असली उद्देश्य सिर्फ सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है।

​बांकीपुर उपचुनाव और अहंकार पर शायराना तंज

​बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा की हार पर बात करते हुए आनंद मोहन ने बिना किसी का नाम लिए शायराना अंदाज में कहा कि, तुझको तेरा गुरूर मारेगा। उन्होंने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि सत्ता हमेशा अपने अहंकार के कारण ही हारती है। उनका यह संदेश सिर्फ पराजित होने वालों के लिए नहीं, बल्कि विजेताओं के लिए भी था कि जीत के बाद अहंकार से बचना चाहिए।

​शराबबंदी पर पुनर्विचार की मांग

​शराबबंदी के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी से प्रेरणा लेकर लागू की गई यह नीति सोच के स्तर पर बहुत अच्छी थी, लेकिन व्यावहारिक रूप से सफल नहीं हो पाई। बिहार की सीमाएं उत्तर प्रदेश, झारखंड और नेपाल से सटी होने के कारण अवैध तस्करी रोकना चुनौती बन गया है।

  • ​राजस्व और आम जनता पर बोझ: उन्होंने कहा कि शराबबंदी से राज्य के राजस्व पर असर पड़ा है और इसकी भरपाई के लिए अन्य माध्यमों से वसूले जाने वाले करों का बोझ अंततः गरीबों और किसानों पर पड़ रहा है।
  • ​समीक्षा की जरूरत: आनंद मोहन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि जनता के बीच किसी भी बड़े असंतोष या बगावत के पनपने से पहले सरकार को इस नीति की समीक्षा कर लेनी चाहिए।

​युवाओं का असंतोष और प्रतियोगी परीक्षाएं

​देशभर में युवाओं के प्रदर्शन और लाठीचार्ज पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को समय रहते युवाओं के दर्द को समझना चाहिए। यूपीएससी और बीपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में कदाचार और पारदर्शिता की कमी के कारण युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इन समस्याओं को केवल विरोध के रूप में न देखकर उनके मूल कारणों का समाधान किया जाए।

​राजनीति और सेवा का उद्देश्य

​आनंद मोहन ने कहा कि राजनीति का मूल आधार जनता की भलाई है। सत्ता पक्ष को अपने दायित्वों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए, जबकि विपक्ष का काम जनसमस्याओं को उठाना और नीतियों की आलोचना करना है। उन्होंने जातीय समीकरणों के आधार पर राजनीति करने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि केवल जातिगत आंकड़े गिनकर राष्ट्र का नवनिर्माण नहीं किया जा सकता।

​गया में कार्यकर्ताओं का जोरदार स्वागत

​अपने तीन दिवसीय दौरे के तहत गुरुवार को गया एयरपोर्ट पहुंचने पर फ्रेंड्स ऑफ आनंद के कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद वे आमस प्रखंड के पिंटू सिंह के आवास पर आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने और जनहित के मुद्दों को लगातार उठाते रहने का आह्वान किया।