चंडीगढ़। सेना भर्ती की तैयारी कर रहे दो युवकों ने 6 किलोमीटर की दौड़ में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जिसने दौड़ खत्म होते ही उन्हें अस्पताल पहुंचा दिया। आगरा के खेरागढ़ क्षेत्र में आयोजित मैराथन में दोनों युवकों ने कथित तौर पर घोड़ों को लगाए जाने वाला वेटरनरी स्टेरॉयड इंजेक्शन ले लिया। दौड़ पूरी करने के कुछ ही देर बाद दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे मैदान में गिर पड़े।

मामला खेरागढ़ क्षेत्र के अऐला गांव में आयोजित 6 किलोमीटर की दौड़ प्रतियोगिता का है। प्रतियोगिता में युवाओं को आकर्षित करने के लिए पुरस्कार भी रखे गए थे। पहला पुरस्कार 2100 रुपये, दूसरा 1100 रुपये और तीसरे स्थान पर आने वाले प्रतिभागी को 551 रुपये दिए जाने थे। इसके अलावा टॉप-10 में रहने वाले धावकों को मेडल देने की घोषणा की गई थी।

इसी प्रतियोगिता में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे दो युवक भी शामिल हुए। बताया गया कि बेहतर प्रदर्शन और थकान कम करने की उम्मीद में दोनों ने दौड़ से पहले घोड़ों के लिए इस्तेमाल होने वाला करीब 3 एमएल स्टेरॉयड इंजेक्शन लगा लिया।

इसके बाद दोनों ने पूरी ताकत के साथ 6 किलोमीटर की दौड़ लगाई। लेकिन मंजिल तक पहुंचने के बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। दोनों को घबराहट और कमजोरी महसूस हुई और वे मैदान में ही गिर पड़े। साथी प्रतिभागियों और आयोजकों में अफरा-तफरी मच गई।

दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), खेरागढ़ ले जाया गया, जहां करीब दो घंटे तक उनका इलाज चला। उपचार के बाद दोनों की हालत में सुधार बताया गया।

बेहतर प्रदर्शन के चक्कर में उठाया जोखिम

बताया जा रहा है कि दोनों युवक नियमित रूप से दौड़ और शारीरिक अभ्यास करते हैं और सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे हैं। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने और शरीर पर थकान का असर कम करने की सोच में उन्होंने कथित तौर पर यह इंजेक्शन लिया था।

तबीयत में सुधार के बाद युवकों ने भी बताया कि उन्होंने दौड़ में बेहतर प्रदर्शन के इरादे से घोड़ों को दिया जाने वाला इंजेक्शन लिया था। दौड़ पूरी होने के बाद ही उन्हें परेशानी शुरू हुई और साथियों ने अस्पताल पहुंचाया।

आयोजकों ने भी बताई घटना

मैराथन कमेटी से जुड़े एक सदस्य के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए समय-समय पर ऐसी दौड़ प्रतियोगिताएं कराई जाती हैं। इसी क्रम में गुरुवार सुबह करीब सात बजे 6 किलोमीटर की मैराथन आयोजित की गई थी।

आयोजक के मुताबिक दौड़ समाप्त होने के बाद दो प्रतिभागियों की तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्हें तत्काल सीएचसी ले जाया गया। उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ।

चिकित्सकों ने बिना विशेषज्ञ की सलाह के इस तरह के वेटरनरी इंजेक्शन या स्टेरॉयड का इस्तेमाल करने को खतरनाक बताया है। खासकर शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए ऐसे पदार्थों का इस्तेमाल गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। दौड़ जीतने या बेहतर प्रदर्शन के चक्कर में उठाया गया यह कदम दोनों युवकों के लिए भारी पड़ गया।

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