औरैया. उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक डॉक्टर के कथित तौर पर न्याय न मिलने से आहत होकर यमुना नदी में छलांग लगा दी. छलांग लगाने से पहले डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उसने मारपीट, पुलिस की निष्क्रियता और जातीय भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं. घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है. पुलिस, गोताखोरों व एसडीआरएफ की टीम ने डॉक्टर की तलाश शुरू कर दी है.
वीडियो में लगाए मारपीट और पुलिस पर गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार, लखीमपुर खीरी निवासी डॉ. सौरभ वाजपेई औरैया के तिलक नगर स्थित एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं. उनका आरोप है कि अस्पताल में कमरे को लेकर हुए विवाद के दौरान अस्पताल संचालक के रिश्तेदारों ने उनके साथ मारपीट और अभद्रता की. शिकायत लेकर वह सदर कोतवाली पहुंचे, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने समझौता कराने का दबाव बनाया. न्याय न मिलने से निराश होकर उन्होंने वीडियो रिकॉर्ड किया और फिर यमुना पुल से नदी में छलांग लगा दी.
जातीय भेदभाव का भी लगाया आरोप
वीडियो में डॉक्टर ने दावा किया कि उन्हें इसलिए इंसाफ नहीं मिला क्योंकि वह ब्राह्मण हैं, जबकि जिन लोगों पर उन्होंने आरोप लगाए वे ठाकुर समुदाय से हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सदर कोतवाल राजकुमार सिंह भी ठाकुर समाज से हैं और इसी वजह से निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई. डॉक्टर ने अपने वीडियो में इन आरोपों के आधार पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए. हालांकि, इन जातीय भेदभाव संबंधी आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है. ये आरोप डॉक्टर द्वारा जारी वीडियो में लगाए गए हैं और पुलिस ने अभी तक इनकी पुष्टि नहीं की है.
तलाश में जुटी पुलिस और एसडीआरएफ
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, गोताखोर और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई. यमुना नदी में डॉक्टर की तलाश लगातार जारी है. पूरे इलाके में अभियान चलाया जा रहा है ताकि उनका जल्द से जल्द पता लगाया जा सके.
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पुलिस बोली- सभी आरोपों की होगी जांच
क्षेत्राधिकारी (सीओ) सिटी ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. डॉक्टर के वीडियो में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है.

