राजधानी के नव-निर्मित जिनालय में धर्म, श्रद्धा और आस्था का महासंगम: भावी आचार्य विनय कुशल मुनि और विराग मुनि का 163 कलशों के साथ जैन समाज ने किया भव्य स्वागत