बवाना के एक स्कूल में 3 साल की बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले के बाद दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) की टीम ने स्कूल का निरीक्षण किया। आयोग के चेयरपर्सन ओम प्रकाश व्यास (Om Prakash Vyas) ने बताया कि निरीक्षण के दौरान स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था और मान्यता से जुड़े कई गंभीर सवाल सामने आए हैं। DCPCR चेयरपर्सन के मुताबिक, बच्ची के माता-पिता की शिकायत के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने कथित तौर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की।

उन्होंने कहा कि आयोग की टीम के साथ शिक्षा विभाग के अधिकारी भी स्कूल पहुंचे थे और निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि स्कूल बिना मान्यता के संचालित हो रहा था। इसके अलावा परिसर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए गए। मामले में शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

स्कूल के बाकी बच्चों की भी होगी काउंसलिंग

DCPCR के चेयरपर्सन ओम प्रकाश व्यास ने बताया कि आयोग को आशंका है कि आरोपी ड्राइवर ने अन्य बच्चों के साथ भी किसी तरह की आपत्तिजनक हरकत की हो सकती है। इसे देखते हुए स्कूल के बाकी बच्चों की काउंसलिंग शुरू की जाएगी। काउंसलिंग के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कहीं किसी अन्य बच्चे के साथ भी कोई घटना तो नहीं हुई।

26 शिक्षक और 10 नॉन-टीचिंग स्टाफ

आयोग के निरीक्षण में स्कूल के स्टाफ से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। स्कूल में 26 शिक्षक और 10 नॉन-टीचिंग स्टाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन कर्मचारियों को वेतन कथित तौर पर कैश में दिया जाता है।

स्कूल के रजिस्टर में भी नहीं मिला आरोपी ड्राइवर का नाम

DCPCR चेयरपर्सन ने बताया कि बवाना की घटना की जानकारी आयोग को मंगलवार को मिली थी। उसी दिन स्कूल प्रबंधन को नोटिस भेजा गया। इसके अगले दिन बुधवार को आयोग की टीम बिना पूर्व सूचना के स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची। उन्होंने बताया कि बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न की शिकायत उसके माता-पिता ने 20 अगस्त को ही स्कूल प्रबंधन से कर दी थी, लेकिन स्कूल की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद 24 अगस्त को परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया।

POCSO रजिस्टर में भी नहीं मिली एंट्री

जांच के दौरान आयोग को स्कूल से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिलीं। स्कूल में POCSO रजिस्टर में भी घटना से संबंधित कोई एंट्री नहीं की गई थी। इसके अलावा स्कूल बिना मान्यता के संचालित होने की बात भी सामने आई है। उन्होंने बताया कि स्कूल की एक दूसरी ब्रांच भी है, जो कक्षा 6 से संचालित होती है। बवाना स्थित स्कूल उस ब्रांच के लिए फीडर स्कूल के तौर पर काम करता है।

आरोपी पर पहले से 7 मामले, फिर भी रजिस्टर में नाम नहीं

DCPCR चेयरपर्सन के मुताबिक, पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी ड्राइवर के खिलाफ पहले से 7 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें लूटपाट का मामला भी शामिल है। सबसे गंभीर बात यह है कि निरीक्षण के दौरान आरोपी ड्राइवर का नाम स्कूल के रजिस्टर में भी नहीं मिला।

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