कुंदन कुमार, पटना। बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर एनडीए सरकार पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार के कारण राज्य को गंभीर आर्थिक संकट में धकेल दिया गया है।
खाली खजाना और भुगतान संकट
वित्तीय बदहाली इस हद तक पहुंच चुकी है कि सरकारी तिजोरी खाली नजर आ रही है। स्थिति यह है कि सरकारी विभागों के कर्मचारियों, पेंशनधारकों को समय पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन, ठेकेदारों के बकाये और विकास कार्यों के लिए राशि नहीं मिल पा रही है। इसके अलावा, छात्रों के स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की राशि में कटौती करने के साथ-साथ छात्रवृत्ति को भी समाप्त किया जा रहा है।
रिकॉर्ड कर्ज और उच्च राजकोषीय घाटा
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य सरकार लगातार भारी-भरकम कर्ज ले रही है, जिसके चलते सार्वजनिक ऋण में चार गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। विगत वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान प्रमुख राज्यों में सबसे अधिक राजकोषीय घाटा बिहार का रहा, जो सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 5.8 प्रतिशत था। सरकार के पास राजस्व सृजन और बजटीय नियंत्रण के लिए कोई दीर्घकालिक योजना नहीं है।
भ्रष्टाचार और संगठित लूट का आरोप
तेजस्वी यादव ने डबल इंजन सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भारी कर्ज के बावजूद राजकीय कोष का खाली रहना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार भ्रष्टाचार के रिकॉर्ड बना रही है, जिससे बिहार का वर्तमान और भविष्य दोनों अंधकारमय हो रहा है।

