Bihar Floods: बिहार में हर समय बीतने के साथ ही नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही राजधानी पटना समेत 13 जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ हाजीपुर के अखिलाबाद इलाके में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। कल शनिवार की देर रात अचानक करीब 25 फीट रिंग बांध टूट गया, जिसके बाद पानी तेज रफ्तार से गांव की ओर फैलने लगा। बांध टूटने की खबर मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रिंग बांध और मेन बांध के बीच बसे करीब 500 घरों की 10 हजार से ज्यादा आबादी पर संकट मंडराने लगा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बांध में पिछले दो दिनों से लगातार रिसाव हो रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि इसकी जानकारी प्रशासन को दी गई थी, लेकिन समय रहते बांध की मरम्मत नहीं हो सकी। पानी का दबाव बढ़ने के बाद देर रात बांध का एक हिस्सा अचानक टूट गया और देखते ही देखते पानी आसपास के इलाके में फैलने लगा।

घर और मवेशी छोड़कर सुरक्षित जगहों पर गए लोग

बांध टूटने के बाद पानी की धार इतनी तेज थी कि लोगों में डर का माहौल बन गया। प्रभावित इलाके के कई परिवार अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की तरफ शरण लेने को मजबूर हो गए। लोगों ने घर में रखे जरूरी सामान के साथ मवेशियों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश की। ग्रामीणों को आशंका है कि अगर गंडक का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आसपास के और इलाकों में भी पानी फैल सकता है। इससे बड़ी आबादी के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है।

केले की फसल को भारी नुकसान की आशंका

बांध टूटने का असर खेती पर भी पड़ा है। पानी की तेज धार से इलाके में बड़े पैमाने पर केले की फसल प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। किसानों का कहना है कि फसल को हुए नुकसान से उन्हें भारी आर्थिक चोट लग सकती है। स्थानीय स्तर पर किसानों को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

ग्रामीणों ने प्रशासन पर समय रहते कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बांध में रिसाव की जानकारी पहले ही अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि बांध टूटने के बाद राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू नहीं किया गया।

वहीं, ग्रामीणों और कुछ मीडिया कर्मियों की ओर से हाजीपुर प्रखंड के बीडीओ पर सवाल उठाने वालों को जेल भेजने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

पानी रोकना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

फिलहाल गंडक के बढ़ते जलस्तर और रिंग बांध टूटने के बाद अखिलाबाद और आसपास के इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और पानी के फैलाव को रोकना प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

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