Bihar Floods: बिहार में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कोसी, गंडक, सोन, गंगा समेत कई नदियां उफान पर हैं। नदियों का रौद्र रूप अब लोगों को डराने लगा है। कई जगहों पर नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। राजधानी पटना समेत, कैमूर, जहानाबाद, औरंगाबाद, रोहतास समेत कई 13 जिले बाढ़ की चेपट में है, जिससे नीचले इलाकों में तेजी से बाढ़ का पानी फैल रहा है। वहीं, नदी के किनारे बसे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। लोग सुरक्षित जगहों पर पलायन करने को मजबूर हैं।

‘घबराहट की स्थिति नहीं, अलर्ट मोड पर सरकार’

जदयू सांसद संजय कुमार झा ने बिहार में बाढ़ की स्थिति पर कहा कि, कल हम निरीक्षण के लिए गए थे और सीएम सम्राट चौधरी ने भी निरीक्षण किया। आज हम सर्वेक्षण भी कर रहे हैं। जो पानी बारिश से भी और नेपाल की ओर से भी आया है, 2016 में पटना में जो बहुत पानी आ गया था, उस समय जो 16 का HFL था, शायद ये पानी उसे भी पार कर जाए।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि, जिस तरह की तैयारी सरकार की है, उसमें कोई घबराहट की स्थिति नहीं है। बिहार सरकार और जलसंसाधन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। सारी सावधानियां जो ली जा सकती हैं, वो ली जा रही हैं। इस सरकार के द्वारा जो आपदा प्रोटोकॉल बना हुआ है उसके तहत समय से मदद करना, आदि सारे कदम सरकार उठा रही है।

‘सरकारी खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला हक’

वहीं, राजद नेता तेजस्वी यादव के बयान पर संजय झा ने कहा कि, क्या वे अपने समय को भूल गए हैं? जिन लोगों ने इस पूरी व्यवस्था का मजाक बनाकर रखा था, वे ऐसा कह रहे हैं? नीतीश कुमार हमेशा से कहते आए हैं कि सरकार के खजाने पर सबसे पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। आज जब आपदा आती है, तो उसका पूरा प्रोटोकॉल बना हुआ है। सबसे महत्वपूर्ण है कि समय पर मदद उपलब्ध करवाना। संजय झा ने कहा कि, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने और बिहार के जलसंसाधन विभाग ने जिस तरह का प्रबंधन नेपाल आपदा के दौरान किया है। वह उल्लेखनीय है।

कई जगहों पर घुटनों तक भरा पानी

बता दें कि गंगा के किनारे बसे पटना सिटी के कई इलाकों में पानी पहुंचने लगा है। कई जगह लोग घुटनों तक पानी के बीच आने-जाने को मजबूर हैं। नदी के आसपास रहने वाले परिवारों के सामने घर और सामान को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना डीएम कुंदन कुमार ने एसएसपी और नगर आयुक्त के साथ संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया।

टीम ने दीघा घाट, बिंद टोली, एलसीटी घाट और गोसाई टोला समेत कई क्षेत्रों का जायजा लिया। अधिकारियों को पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल के 108 रास्तों को बंद करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा 13 स्लुईस गेट से हो रहे लीकेज को बंद कराया गया है। ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों को भी लगातार चालू रखने के निर्देश दिए गए हैं।

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