Bihar News: बिहार के बक्सर में दो शिक्षकों द्वारा 12 नाबालिग छात्राओं के साथ कई महीने तक दुष्कर्म करने की शर्मनाक घटना को लेकर पूरे बिहार के लोगों में उबाल देखने को मिल रहा है। आरोप है कि दोनों शिक्षकों ने नाबालिग छात्रों के साथ दुष्कर्म किया और फिर इस फूरे शर्मनाक करतूत की वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया। फिलहाल दोनों आरोपी शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है और दोनों फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। वहीं, इस मामले पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
सुशासन और बेटी बचाओ महज एक नारा- रोहिणी
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-बिहार में सुशासन’ और ‘बेटी बचाओ’ महज नारा है…. उन्होंने कहा कि, बिहार के बक्सर में नाबालिग छात्राओं के साथ दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और शिक्षकों द्वारा ऐसे घृणित व् जघन्य अपराध को अंजाम देने की घटना अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है। जिस विद्यालय में बच्चियों के भविष्य का निर्माण होना चाहिए, वहीं उनके साथ यौनाचार होना राज्य में कानून-व्यवस्था, सरकार और शासन की गंभीर विफलता को दर्शाता है।
दरिंदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
रोहिणी आचार्य ने आगे कहा कि, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और हेडमास्टर के द्वारा किए गए ऐसे दुस्साहस से ये साबित होता है कि राज्य के शिक्षण संस्थानों पर शासन का कोई प्रशासनिक नियंत्रण और भय नहीं है। एनडीए सरकार के पिछले बीस वर्षों के शासनकाल में प्रदेश में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के खिलाफ लगातार बढ़ते अपराध और यौन उत्पीड़न के मामलों से सरकार के सुशासन और ‘बेटी बचाओ’ के दावों की पोल खुलती है। उन्होंने कहा कि, सम्राट सरकार को केवल दिखावे के निलंबन और खानापूर्ति के बजाय ऐसे दरिंदों और उनका बचाव करने वालों पर त्वरित कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
एक शिक्षक का ऑडियो भी हो रहा वायरल
बता दें कि पूरा मामला डुमराव स्थित मध्य विद्यालय का बताया जा रहा है। घटना के संबंध में एक शिक्षक का ऑडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें शिक्षक शराब के नशे में लग रहा है। इस घटना में सबसे शर्मशार करने वाली बात यह है कि लगातार वीडियो वायरल होता रहा ना ही शिक्षा विभाग न हीं पुलिस और प्रशासनिक महकमे ने मिलकर कार्रवाई की। शर्मनाक हरकत का वीडियो कई दिनों से पूरे इलाके में वायरल था। इसके बाद भी पुलिस वाले या जिम्मेदार अधिकारियों ने इसका समय पर संज्ञान नहीं लिया।
पुलिस की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने डीईओ को रिपोर्ट भेज कर खानापूर्ति कर दी। दोनों शिक्षकों को सस्पेंड कर अपना पल्ला झाड़ लिया गया, जबकि इसकी शिकायत थाना में नहीं की गई। बीते बुधवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने जब थाना का घेराव किया उसके बाद प्राथमिक दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू की। फिलहाल दोनों शिक्षक फरार बताए जा रहे हैं। ऐसे में अब देखने वाली बात यह है कि इस मामले में पुलिस आगे क्या कुछ करती है?
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