कुंदन कुमार, पटना। बिहार में इन दिनों मौसम की मार और सियासत का पारा अपने चरम पर है। राज्य के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस बीच, बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने एक ओर जहां प्राकृतिक आपदा पर सरकार की तैयारियों का ब्योरा दिया, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों पर तीखा पलटवार किया है। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य के छात्रों और युवाओं के भविष्य को लेकर अनर्गल बयानबाजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नेपाल और उत्तराखंड की बारिश से बढ़ा नदियों का जलस्तर
बिहार में अचानक बढ़े जलस्तर और बाढ़ के संकट पर बोलते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने स्पष्ट किया कि राज्य की नदियों में पानी अचानक नेपाल और देश के कई अन्य राज्यों में हुई भारी मानसूनी बारिश के कारण बढ़ा है। नेपाल में आए जलप्रलय और उत्तराखंड से लेकर अन्य इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर बिहार की नदियों के जलस्तर पर पड़ा है, जिससे निचले इलाकों में पानी फैल गया है।
उन्होंने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि आपदा की इस घड़ी में किसी भी नागरिक को असुविधा का सामना न करना पड़े और समय पर सभी आवश्यक सहायता पहुंचाई जाए।
राहुल गांधी पर बोला तीखा हमला
प्राकृतिक आपदा के मुद्दों के साथ-साथ मंत्री श्रवण कुमार ने राहुल गांधी द्वारा हाल ही में बिहार के छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर दिए गए बयानों को लेकर उन पर जोरदार सियासी निशाना साधा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को बिहार के छात्रों, उनकी जमीनी वास्तविकताओं और राज्य की संस्कृति के बारे में कोई बुनियादी जानकारी नहीं है।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अतीत के राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र किया और कहा कि एक समय था जब राहुल गांधी ने बिहार आकर केवल मोटरसाइकिल चलाई थी और इधर-उधर घूमकर राजनीतिक स्टंट किया था, जिसका परिणाम यह हुआ था कि जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया और उनकी पार्टी को राज्य में शून्य सीटें मिली थीं।
मंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि एक बार फिर से राहुल गांधी बिहार के छात्रों और यहां के बेटे-बेटियों के भविष्य को लेकर भ्रामक और अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। बिहार की जनता और यहां के युवा इसे कभी सहन नहीं करेंगे। समय आने पर राज्य का युवा वर्ग उनकी इस बयानबाजी का अपने अंदाज में माकूल जवाब देगा।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब एक तरफ सरकार बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने के दावों के साथ मैदान में उतरी है, तो दूसरी तरफ आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।



