कुंदन कुमार, पटना। बढ़ते तापमान और भू-जल स्तर को लेकर बिहार सरकार ने हरित कोष गठन करने का निर्णय लिया है।जदयू प्रदेश कार्यालय में डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने कहा कि, पटना में तापमान लगातार बढ़ रहा है और गर्म हवाएं हालात बिगाड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन पर सरकार पहले से गंभीर रही है। नीतीश कुमार के कार्यकाल में भी इस मुद्दे पर लंबा विमर्श हुआ था। उसी विमर्श का परिणाम है कि “जल-जीवन- हरियाली योजना शुरू किया गया। इस योजना से भू-जल स्तर में सुधार देखने को मिला है।

पर्यावरण संरक्षण सरकार की प्राथमिकता

डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने कहा कि, सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता में रखा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार हरित कोष के गठन का फैसला लिया है। इस कोष में लगातार फंड जुटाने की व्यवस्था की गई है। माइनिंग से 2.5 प्रतिशत राशि इस कोष में जाएगी। वहीं, गाड़ी रजिस्ट्रेशन से 1 प्रतिशत राशि हरित कोष में जाएगी।

डिप्टी सीएम ने बताया कि, कॉर्पोरेट सेक्टर को भी इसमें योगदान का विकल्प दिया गया है। विजय कुमार चौधरी ने इसे जलवायु संकट के समय जरूरी कदम बताया। उन्होंने कहा कि, पूरी दुनिया बढ़ते तापमान से जूझ रही है। बिहार का हरित कोष फैसला पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

पीएम की अपील पर कही ये बात

डिप्टी सीएम ने कहा कि, पीएम मोदी के आह्वान पर मुख्यमंत्री ने पैदल सचिवालय जा कर ईंधन बचाने का संदेश दिया इस पर भी कोई पहल करने की जरूरत है इस पर कहा हम सभी लोगों अपील कर रहे हैं। बता दें कि कल शनिवार को विजय कुमार चौधरी ने गयाजी जिले के टिकारी प्रखंड अंतर्गत पंचमहला ग्राम में उत्तर मोरहर नदी पर चेक डैम निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस परियोजना से जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी, सिंचाई सुविधा बेहतर होगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। क्षेत्रीय विकास और किसानों की समृद्धि के लिए हमारी प्रतिबद्धता निरंतर जारी है।

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