वीरेंद्र कुमार, नालंदा। बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल एक बार फिर से चोरी की घटना को लेकर सुर्खियों में है। ताजा मामला सरकारी कुर्सी चोरी से जुड़ा है, जहां अस्पताल परिसर में रहने वाले एक युवक कथित तौर पर एक सरकारी कुर्सी ले जाते हुए गार्डों ने पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान युवक ने चोरी की बात स्वीकार करने के साथ ही इस बात का भी खुलासा किया कि इससे पहले भी अस्पताल से कुर्सियां चोरी की गई हैं। इसमें उसके अलावा कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं।

आरोपी युवक ने स्वीकार की चोरी की बात

दरअसल युवक जब कुर्सी की चोरी कर उसे अपने साथ ले जा रहा था। इसी दौरान सुरक्षा में तैनात गार्डों की नजर उस पर पड़ गई और उन्होंने उसे पकड़ लिया गया। इसके बाद मामले की सूचना मॉडल अस्पताल के सुपरवाइजर सरयुग प्रसाद सिंह को दी गई। मौके पर पहुंचे सुपरवाइजर ने युवक से पूछताछ की। आरोप है कि पूछताछ के दौरान उसने चोरी की बात स्वीकार की और अस्पताल में रहने वाले कुछ अन्य लोगों के चोरी में शामिल होने की जानकारी दी।

अस्पताल परिसर में सफाई का काम करती है मां

मामले की जानकारी फैलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई। इसी दौरान युवक की मां भी मौके पर पहुंची, जो अस्पताल में सफाई का काम करती है। बताया गया कि गुस्से में उसने अपने बेटे की झाड़ू, चप्पल, लात घुसो से पिटाई कर दी। काफी देर तक अस्पताल परिसर में हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। बाद में सुपरवाइजर युवक को अपने साथ ले गए।

गार्ड पक्ष का आरोप है कि अस्पताल में चोरी की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अस्पताल परिसर से कई सामान चोरी होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। आरोप लगाया गया कि कार्रवाई के अभाव में कथित रूप से आरोपित लोग छूट जाते हैं और इससे उनका मनोबल बढ़ता है।

सुरक्षा के लिए तैनात है 142 गार्ड

मॉडल अस्पताल में कुल 142 गार्ड तैनात बताए जा रहे हैं, जिनमें 36 महिला और 106 पुरुष गार्ड शामिल हैं। इसके अलावा अस्पताल परिसर में CCTV कैमरे भी लगे हुए हैं। बावजूद इसके कभी बाउंड्री वॉल में लगे लोहे के रॉड, कभी बिल्डिंग के ऊपर लगे नल की टोंटी और अब सरकारी कुर्सी चोरी होने के मामले ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतने गार्ड और CCTV कैमरों के बावजूद अस्पताल में बार-बार चोरी कैसे हो रही है? अस्पताल प्रशासन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं कर पा रहा है? क्या CCTV की नियमित निगरानी होती है और चोरी के मामलों में जिम्मेदारी तय की जाती है?

सह सिविल सर्जन ने कही कार्रवाई की बात

मामले में मॉडल अस्पताल के उपाधीक्षक से जानकारी लेने के लिए फोन किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। वहीं मॉडल अस्पताल के अधीक्षक सह सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह ने कहा कि यदि चोर पकड़ा गया है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेजा जाएगा। अस्पताल परिसर में रह रहे डोम परिवारों के संबंध में उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर परिसर खाली कराने का प्रयास किया जाएगा।

अब देखना होगा कि अस्पताल प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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