Odisha Desk, भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) यात्रा को लेकर राज्य में सियासी पारा चढ़ गया है। मुख्य विपक्षी दल बीजू जनता दल ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इस दौरे को ‘महंगा प्रचार अभियान’ करार दिया है। बीजेडी ने सवाल उठाया कि सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये खर्च कर समाचार पत्रों में पूरे पन्ने के विज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन क्या वास्तव में राज्य में नए कारखाने लगेंगे और युवाओं को नौकरियां मिलेंगी, या यह सब केवल विज्ञापनों तक ही सीमित रहेगा?

भुवनेश्वर स्थित शंख भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बीजेडी प्रवक्ता डॉ. लेनिन मोहंती ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अबू धाबी और दुबई का दौरा कर अदानी ग्रुप और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) के साथ समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, इनमें से अधिकांश परियोजनाओं की घोषणा पहले ही ‘उत्कर्ष ओडिशा-2025’ कार्यक्रम के दौरान की जा चुकी थी।

मोहंती ने सरकार से सीधे सवाल पूछे-

इन नए समझौतों में नया क्या है?

भारतीय कंपनियों के साथ विदेशी धरती पर करार करने की क्या आवश्यकता थी?

विपक्षी दल द्वारा उठाए गए तार्किक प्रश्नों पर सरकार आखिर चुप क्यों है?

बीजेडी ने मुख्यमंत्री की पिछली सिंगापुर यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरे का भी जमीन पर शून्य परिणाम निकला था। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी खजाने के पैसों को झूठे विज्ञापनों में बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए। लेनिन मोहंती ने पूछा कि क्या यूएई यात्रा से मिलने वाले लाभ प्रचार पर खर्च किए गए करोड़ों रुपये के बराबर भी होंगे, या फिर यह दौरा केवल एक ‘साइटसीइंग’ (घूमने-फिरने का) कार्यक्रम बनकर रह जाएगा?

बीजेडी प्रवक्ता ने कहा कि राज्य की बीजेपी सरकार सत्ता में आने के बाद से 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत में धरातल पर निवेश ‘शून्य’ है। उन्होंने कहा कि केवल 3 लाख करोड़ रुपये के रुचि पत्र मिले हैं और करीब 50 छोटी व मध्यम इकाइयों ने ही प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू की है। परिणामस्वरूप, दावों के अनुपात में रोजगार का सृजन नहीं हो पा रहा है और राज्य के बेरोजगार युवा आज भी रोजी-रोटी के लिए पलायन करने को मजबूर हैं।

दूसरी ओर, राज्य सरकार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि तीन दिवसीय यूएई यात्रा के दौरान 2.43 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 8 एमओयू और 16 निवेश रुचि पत्र शामिल हैं। इससे 6.18 लाख प्रत्यक्ष और कुल मिलाकर लगभग 9 लाख प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

इसके साथ ही उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वैन ने बताया कि लगभग 3.20 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का भूमि पूजन पहले ही संपन्न हो चुका है।

बीजेडी ने मांग की है कि ‘डबल इंजन’ सरकार केवल बड़ी-बड़ी घोषणाएं करने के बजाय परियोजना-वार पूरा ब्योरा जनता के सामने रखे। अब देखना यह है कि विदेशी लग्जरी होटलों में हस्ताक्षर किए गए ये एमओयू कितनी जल्दी धरातल पर कारखानों और नौकरियों का रूप लेते हैं।

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H