जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों को भोजन और पानी उपलब्ध कराने वाले मोहम्मद जुनैद ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जुनैद का दावा है कि शुक्रवार रात कुछ लोगों ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताते हुए उन्हें और उनके एक साथी को हिरासत में लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान उनकी आंखों पर पट्टी बांधी गई और पूरी रात उन्हें अंधेरे में रखा गया। बाद में उन्हें मसूरी में छोड़ दिया गया।

अस्पताल से लौटते समय हिरासत में लेने का आरोप

मोहम्मद जुनैद के मुताबिक, वह राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल से लौट रहे थे, जहां वह कुत्ते के काटने का इलाज कराने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर कुछ लोगों ने उन्हें रोका और अपने साथ ले गए। जुनैद ने एक वीडियो में पूरी घटना का जिक्र करते हुए बताया कि पूछताछ के दौरान उनसे प्रदर्शनकारियों को दिए जाने वाले भोजन और पानी के इंतजाम के बारे में सवाल किए गए।

फंडिंग के स्रोत को लेकर भी पूछताछ

जुनैद ने दावा किया कि अगले दिन एक अधिकारी ने उनसे पूछा कि प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन की व्यवस्था करने के लिए पैसा कहां से आता है। इसके जवाब में उन्होंने बताया कि भोजन और पानी दान के जरिए उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही, प्रदर्शनकारियों के समर्थक भी जरूरत के मुताबिक खाना ऑर्डर करते हैं।

सुबह कैब से मसूरी से दिल्ली लौटे जुनैद

घटना के बाद छात्रों के प्रदर्शन से जुड़ी लीगल टीम ने मोहम्मद जुनैद से कथित हिरासत और पूछताछ को लेकर विस्तृत जानकारी ली। जुनैद शनिवार सुबह कैब से मसूरी से दिल्ली लौटे और बाद में उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने साथ हुई घटना का विवरण साझा किया।

पुलिस ने शुरू की आरोपों की जांच

मोहम्मद जुनैद के आरोप सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इससे पहले भी सीजेपी वॉलंटियर मोहम्मद जुनैद के परिवार को पुलिस हिरासत में रखे जाने को लेकर विवाद सामने आया था। हालांकि, पुलिस ने उस समय परिवार को हिरासत में लिए जाने के आरोपों को खारिज किया था।

फिलहाल, जुनैद द्वारा लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। मामले में पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

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