प्रदीप मालवीय, उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के पास बेगम बाग क्षेत्र में करीब 15 अवैध बिल्डिंगों पर मोहन यादव सरकार की एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई देखने को मिली है। यह मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र है जो कि महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग पर है। प्रॉपर्टी उज्जैन विकास प्राधिकरण की है जिसे 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिया गया था। बावजूद इसके यहां लोगों ने नियम विरुद्ध इसका व्यावसायिक उपयोग किया।
लीज खत्म होने के बाद नवीनीकरण नहीं हो सका। जब उज्जैन विकास प्राधिकरण ने नोटिस दिए तो संबंधित लोग न्यायालय पहुंच गए। लोअर कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से स्टे खारिज होने के बाद अवैध अतिक्रमण पर अब यह कार्रवाई की गई है। आज सुबह 8 बजे शुरू हुई कार्रवाई में किसी प्रकार का कोई विरोध प्रदर्शन देखने को नही मिला।
दरअसल यहां पिछले एक वर्ष के भीतर इसी प्रकार 72 बिल्डिंग को जमीदोंज किया गया था तब जरूर विरोध हुआ था। आज कार्यवाही शांतिपूर्ण चल रही है। जिस जगह कार्यवाही चल रही है यह महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग है। मुस्लिम बाहुल्य होने के कारण अति संवेदनशील क्षेत्र माना गया है। इसलिए यह रास्ता वाहनों और श्राद्धलु के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। वैकल्पिक मार्गो का उपयोग किया जा रहा है।
क्या है पूरा मामला ?
उज्जैन विकास प्राधिकरण ने साल1985 में बेगम बाग क्षेत्र में 48 भूखंड आवासीय तौर पर 30 साल की लीज पर दिए थे। भूखंड धारकों ने इन भूखंडों का उपयोग आवासीय तौर पर करने की बजाय पूरी तरह व्यावसायिक तौर पर कर लिया जो नियम विरुद्ध था। इसके साथ ही साल 2014-15 में लीज भी समाप्त हो गई।
भूखंडों को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण ने लगातार नोटिस दिए। साल 2023-24 में उज्जैन विकास प्राधिकरण ने भूखंड धारकों की लीज खत्म कर दी। जिसको लेकर भूखंड धारक न्यायालय पहुंचे जहां उन्हें स्टे मिल गया। इन भूखंडों का अलग-अलग न्यायालय में मामला विचाराधीन रहा। न्यायालय का स्टे हटते ही तोड़ने की कार्यवाही शुरू कर दी गई। यहां पहले भी सात चरणों मे करीब एक वर्ष के भीतर 72 बिल्डिंगों को हटाया गया था।
खास बात तो यह है की जहां कार्यवाही हो रही है ऐसे 48 भूखंड है जिन्हें उज्जैन विकास प्राधिकरण ने आवंटित किए थे। जिनमें सभी की साइज करीब 2400 स्क्वेयर फीट थी। भूखंड धारकों ने इनके अलग-अलग टुकड़े कर करीब 106 बिल्डिंग बना ली। आज दिनांक तक 106 में से 86 बिल्डिंग को जमीदोंज किया गया है। बाकी 20 बिल्डिंगों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत तोड़ा जाएगा।
आज जिन बिल्डिंग को जमीदोंज किया जा रहा है उन पर जिन लोगो का कब्जा था उनकी जानकारी यह है
1 शकिला बी
2 मेहरूनिशा
3 इरशाद
4 बाब मलंग शाह
5 नजमा बी
6 फरीजा बी
7 जावेद खान
8 शमीम बी
9 अफसाना बी
10 मो. रईस खान
11 इशरत जहाँ
12 डॉ. महबूब खान
13 हफीजुरहमान
14 जाकिर भाई
15 मो. सब्बीर
उज्जैन विकास प्राधिकरण सीईओ संदीप कुमार सोनी के अनुसार माननीय न्यायालय से स्टे खारिज होने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। भूखंड धारक को भूखंड आवासीय तौर पर दिए गए थे जिसे उन्होंने व्यावसायिक उपयोग किया। इसके अलावा लीज समाप्त होने के बाद लीज नवीनीकरण भी नहीं हो सका है। इसलिए यह कार्रवाई की गई। जिस जगह यह कार्यवाही चल रही है यहां आगामी सिहंस्थ 2028 में ब्रिज निर्माण प्रस्तावित है।
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