दशकों से अमेरिकी बाजार पर काफी हद तक निर्भर रहे कनाडा ने अब देश के भीतर ही तेल आपूर्ति नेटवर्क मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. कनाडा दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल है. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिकी बाजार पर कनाडा की निर्भरता को कम करने के लिए एशिया तक एक बड़े पैमाने पर तेल पाइपलाइन बनाने की योजना की घोषणा की.
अमेरिका के साथ लगातार बढ़ते व्यापारिक तनाव और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई चिंताओं के बीच कनाडा अपनी रणनीति बदलता नजर आ रहा है.
कनाडा ने अल्बर्टा से प्रशांत तट तक एक नई पाइपलाइन के निर्माण को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया. प्रधानमंत्री मार्क कार्नी देश की अपने मुख्य तेल ग्राहक के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका पर निर्भरता को कम करने की कोशिश कर रहे हैं.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अल्बर्टा ने प्रमुख परियोजना कार्यालय को एक योजना प्रस्तुत की है जिसके तहत सितंबर 2027 में ब्रिटिश कोलंबिया के पश्चिमी तट से जुड़ने वाली 1,000 किलोमीटर से अधिक लंबी पाइपलाइन परियोजना का निर्माण शुरू किया जाएगा.
कनाडा दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में शुमार होने के वावजूद विडंबना यह है कि उसके पश्चिमी प्रांत अल्बर्टा में निकाला गया अधिकांश कच्चा तेल सालों से अमेरिका भेजा जाता रहा है. वहीं, दूसरी ओर पूर्वी कनाडा के कई हिस्से अपनी जरूरतों के लिए विदेशी या आयातित तेल पर अपनी निर्भरता अभी तक दिखाते आ रहे है. अब कनाडा सरकार इस व्यवस्था को बदलना चाहती है.
इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अल्बर्टा और ओंटारियो ने Northern Shield Energy Corridor परियोजना का प्रस्ताव रखा है. यह परियोजना जहां अमेरिकी बाजार पर निर्भरता कम करने की कोशिश है, वहीं अल्बर्टा की लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और आर्थिक नाराजगी को शांत करने का प्रयास भी मानी जा रही है.
इस परियोजना के अंतर्गत लगभग 3,300 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी जो कि अल्बर्टा के हार्डिस्टी से ओंटारियो के सार्निया तक बिछेगी. कार्नी ने अगले दशक में कनाडा के गैर-अमेरिकी निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है और कहा है कि पाइपलाइन अमेरिकी बाजारों में वर्तमान तेल बिक्री पर मिलने वाली छूट को कम कर सकती है.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

