एयर इंडिया ने गुरुवार को फैसला किया है वह अपने सभी पायलटों की उड़ान भरने से पहले मादक पदार्थों के सेवन की जांच करेगा। यह कदम तब उठाया गया है, जब पिछले सप्ताह अचानक थाईलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही उड़ान ने अपनी ऊंचाई खो दी थी और जांच में पायलट-इन-कमांड गांजा के नशे में पाया गया था। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयरलाइन ने इस संबंध में सभी कर्मचारियों को ईमेल किया है।
एयरलाइन ने कर्मचारियों को क्या कहा है?
एयरलाइन ने कहा, “हमने समूह के सभी पायलटों की उन सभी पदार्थों या दवाओं के लिए पूरी जांच करने का फैसला किया है जो मौजूदा नियमों के तहत प्रतिबंधित हैं। यह जांच अनिवार्य है और 13 अगस्त 2026 से शुरू होगी।”
ईमेल में कहा गया है कि यह जांच गुरूग्राम अकादमी में प्रशिक्षण के साथ-साथ, उड़ान के बाद हमारे फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर, एयर इंडिया कार्यालयों में या बताए गए संबंधित ठिकानों द्वारा उपलब्ध स्थानों पर आयोजित किया जाएगा।
अभी तक होती है शराब की जांच
अभी एयरलाइंस नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा निर्धारित नियमों के मुताबिक रोजाना उड़ान से पहले पायलट का ब्रेथ-एनालाइजर टेस्ट करता है। ड्रग्स की जांच औचक होती है। अब एयरलाइन ने निर्धारित नियमों से बढ़कर अपने उच्चतम मानक को बनाए रखने के लिए कदम उठाया है।
क्या है फुकेत-दिल्ली उड़ान का मामला?
फुकेत से 4 अगस्त को रवाना हुई एयर इंडिया की उड़ान AI-2379 को मंगलवार सुबह 11:15 बजे दिल्ली पहुंचना था। यात्रा शुरू होने के 90 मिनट बाद अचानक विमान डगमगाया और 300 फीट नीचे गिर गया, जिससे उसमें सवार 145 यात्रियों को तगड़े झटके लगे और इधर-उधर टकराने से 17 घायल हो गए।विमान करीब 2-3 मिनट तक भयानक टर्बुलेंस में फंसा रहा। जांच में पता चला कि विमान का हाइड्रोलिक सिस्टम फेल हुआ था और पायलट नशे में था।
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