भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओंकारेश्वर में हुए सेप्टिक टैंक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हादसे के दोषियों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि हादसे में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया जाना चाहिए। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने वालों को बर्खास्त कर दिया जाएगा। जन सुरक्षा राज्य सरकार के लिए सर्वोपरि है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन ने अतिक्रमण नोडल अधिकारी, उप अभियंता सुरेश चंद्र पाटीदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जिला प्रशासन और नगर परिषद सभी आवश्यक सावधानियां बरत रहे हैं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिला प्रशासन और नगर परिषद को निर्देश दिया है कि घाटों पर गंदगी और सीवेज न गिरे, इसके लिए हर संभव व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि घाटों और खतरनाक स्थानों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और आवश्यकतानुसार पुलिस/होम गार्ड तैनात किए जाएं। सभी सीवर चैंबरों का सर्वेक्षण किया जाए और टूटे हुए ढक्कनों को तुरंत बदला जाए तथा सभी मरम्मत कार्य शीघ्रता से किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में सभी सावधानियां बरती जानी चाहिए। ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, यह सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है।
गौरतलब है कि कल ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में हुई एक दुखद घटना में तीन वर्षीय बच्चे की सेप्टिक टैंक में गिरने से मौत हो गई। ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र में स्थित धर्मशाला क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई की गई। कार्रवाई के बाद मलबे को इस तरह रखा गया ताकि कोई दुर्घटना न हो। अज्ञात व्यक्तियों ने मलबे से लोहा, सरिया, कबाड़ और अन्य सामग्री निकाल ली और सेप्टिक टैंक का ढक्कन क्षतिग्रस्त करके खुला छोड़ दिया। इसी स्थिति में तीन वर्षीय बच्चे की सेप्टिक टैंक में गिरने से दुखद मौत हो गई।
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