मिडिल ईस्ट में बढ़ती Tension का असर अंतरराष्ट्रीय Crude Oil Market पर साफ दिखाई दे रहा है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 14 सितंबर 2026 को सुबह 7.50 बजे तक WTI Crude Oil की कीमत 2.21% की तेजी के साथ 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई।
वहीं Brent Crude में भी 2.25% की तेजी दर्ज हुई और इसका भाव 107 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Global Oil Supply को लेकर चिंता के बीच कच्चे तेल की कीमतें करीब चार महीने के High Level पर पहुंच गई हैं।
तेल की कीमतों में इस तेजी की बड़ी वजह सऊदी अरब में ड्रोन हमला और उसके बाद एक प्रमुख Oil Pipeline को बंद किया जाना बताया जा रहा है। यह पाइपलाइन Hormuz Strait को बायपास करने के लिए इस्तेमाल होती है। इसके अलावा ओमान तट के पास Commercial Ship MT El Gaia पर हुए हमले की भारत ने कड़ी निंदा की है। इन घटनाओं से तेल की सप्लाई को लेकर बाजार की चिंता बढ़ी है, जिसका असर Crude Oil Price पर दिखाई दे रहा है।

सऊदी अरब ने क्यों बंद की प्रमुख पाइपलाइन?
ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब ने सुरक्षा कारणों से एक प्रमुख तेल पाइपलाइन को बंद करने का फैसला किया है। अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पाइपलाइन को दोबारा कब शुरू किया जाएगा। इस पाइपलाइन का इस्तेमाल Hormuz Strait को बायपास कर तेल की आवाजाही के लिए किया जाता है। ऐसे में इसके बंद होने से बाजार में Supply Disruption की आशंका बढ़ गई है।
होर्मूज को लेकर भी बढ़ी चिंता
ओमान के विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी के मुताबिक Hormuz Strait में एक अस्थाई Corridor स्थापित करने के लिए ईरान और खाड़ी देशों के बीच चल रही बातचीत फिलहाल स्थगित हो गई है। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच महत्वपूर्ण जलमार्गों के नियंत्रण को लेकर तनाव बना हुआ है। Hormuz Strait दुनिया के लिए बेहद अहम Oil Route है। यहां किसी भी तरह की लंबे समय की बाधा Global Oil Supply पर असर डाल सकती है। यही वजह है कि पश्चिम एशिया की घटनाओं पर International Oil Market की नजर बनी हुई है।
ओमान तट पर जहाज पर हमला, भारत ने की निंदा
ओमान तट के पास Panama Flag वाले Commercial Vessel MT El Gaia पर हमला हुआ है। जहाज पर भारतीय Crew Members भी मौजूद थे। दी गई जानकारी के मुताबिक 14 भारतीय क्रू मेंबर को बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय के लापता होने की जानकारी है। भारत के विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा की है। लापता भारतीय की तलाश जारी है और भारत सरकार इस मामले में ओमान के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है।
4 महीने के हाई पर पहुंचा Brent Crude
Brent Crude की कीमत 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। यह मई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर बताया जा रहा है। वहीं WTI भी 102 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच चुका है। Crude Oil की कीमत में लगातार तेजी का सीधा असर उन देशों पर ज्यादा पड़ता है जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा Import करते हैं। भारत भी अपनी तेल जरूरत के लिए बड़ी मात्रा में आयात पर निर्भर है।
क्या भारत में महंगा होगा Petrol-Diesel?
अभी कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि भारत में तुरंत Petrol-Diesel के दाम बढ़ जाएंगे। घरेलू ईंधन की कीमतें कई Factors पर निर्भर करती हैं। लेकिन अगर Crude Oil लंबे समय तक 100 डॉलर से ऊपर बना रहता है और तेजी आगे भी जारी रहती है, तो Oil Marketing Companies पर दबाव बढ़ सकता है।
ऐसी स्थिति में कंपनियों के लिए लंबे समय तक ऊंची लागत के बावजूद पेट्रोल-डीजल को मौजूदा कीमतों पर बेचना मुश्किल हो सकता है। अगर पश्चिम एशिया का तनाव जल्द खत्म नहीं हुआ और Crude Oil में बड़ा उछाल जारी रहा, तो आने वाले समय में भारत में Petrol-Diesel Price बढ़ने की संभावना बन सकती है।
फिलहाल बाजार की नजर सऊदी अरब की बंद पाइपलाइन, Hormuz Strait की स्थिति और अमेरिका-ईरान तनाव पर बनी हुई है। इन घटनाओं में आगे क्या बदलाव होता है, उसी से Crude Oil की अगली दिशा काफी हद तक तय होगी।
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