Technology Desk: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI जितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से इसके खतरों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं. AI कंपनी Anthropic की तरफ से भी इसकी बढ़ती ताकत और संभावित जोखिमों पर चिंता जताई जा चुकी है. अब OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भी AI के भविष्य को लेकर ऐसी बात कही है, जिसने टेक्नोलॉजी की दुनिया में नई बहस छेड़ दी है. ऑल्टमैन का कहना है कि अगर AI से इंसानों के लिए बड़ा खतरा पैदा होने की थोड़ी भी गंभीर संभावना है, तो इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
AI की तेज रफ्तार पर टेक दिग्गजों की चिंता
इसको लेकर टेक्नोलॉजी की दुनिया के कई बड़े नाम भी चिंता जता चुके हैं. Tesla और xAI के प्रमुख Elon Musk और Microsoft के CEO Satya Nadella अपनी सहमति जता चुके हैं. अब सैम ऑल्टमैन ने AI की तेज रफ्तार और इससे जुड़े संभावित खतरों को लेकर अपनी बात रखी है.
2026 में IPO नहीं लाएगी OpenAI?
सैम ऑल्टमैन ने बिजनेस मैगजीन Fortune को दिए इंटरव्यू में कहा है कि OpenAI की 2026 में IPO लाने की योजना नहीं है. कंपनी के फैसले के पीछे AI की सुरक्षा को लेकर चिंता भी एक अहम वजह बताई जा रही है.
ऑल्टमैन ने एक बेहद गंभीर उदाहरण देते हुए कहा कि अगर AI की वजह से इस दशक के अंत तक इंसानों के खत्म होने का सिर्फ 10 फीसदी भी खतरा है, तो इस जोखिम को स्वीकार नहीं किया जा सकता.

हालांकि, ऑल्टमैन ने यह भी साफ किया कि 10 फीसदी का आंकड़ा सही है या नहीं, यह उन्हें खुद नहीं पता. लेकिन उनके मुताबिक, असली बात यह है कि खतरा गंभीर है और AI कंपनियों के साथ-साथ सरकारों को भी इसे लेकर बेहद सतर्क रहना चाहिए.
उन्होंने कहा कि खतरा 10 फीसदी हो, 8 फीसदी हो या 6 फीसदी—अगर जोखिम मौजूद है तो सुरक्षा को सबसे ऊपर रखना होगा. किसी भी कीमत पर मुनाफा AI की सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं हो सकता.
AI की स्पीड पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
AI के तेजी से विकास को लेकर पहले भी कई विशेषज्ञ चिंता जता चुके हैं. Anthropic के पूर्व रिसर्चर Jacob Coxon ने AI को काफी खतरनाक बताते हुए भविष्य में इससे मानवता को होने वाले संभावित नुकसान की चेतावनी दी थी.
अब सैम ऑल्टमैन के बयान ने इस बहस को और हवा दे दी है. खास बात यह है कि AI इंडस्ट्री के बड़े नामों के बीच भी इस बात पर चर्चा बढ़ रही है कि AI को विकसित करने की रफ्तार और उसकी सुरक्षा के बीच सही संतुलन कैसे बनाया जाए.
सैम ऑल्टमैन ने X पर भी रखी अपनी बात
सैम ऑल्टमैन ने X पर अपने हालिया पोस्ट में कहा कि दुनिया को यह भरोसा मिलना चाहिए कि लगातार बेहतर AI बनाने वाली अमेरिकी कंपनियां जिम्मेदारी से काम करेंगी.
उन्होंने कहा कि AI की तरक्की की रफ्तार अब बहुत तेज हो चुकी है. ऐसे में फ्रंटियर AI पर काम करने वाली हर लैब को लोगों के भरोसे पर खरा उतरना होगा. अगर कंपनियां ऐसा नहीं कर सकतीं, तो उनके काम करने का कोई मतलब नहीं रह जाता.
फ्रंटियर AI के लिए एक जैसे सुरक्षा नियम जरूरी
ऑल्टमैन ने फ्रंटियर AI के लिए एक समान सुरक्षा नियम बनाने की भी वकालत की है. उन्होंने कहा कि OpenAI ऐसे फेडरल कानून का स्वागत करेगी, जो फ्रंटियर AI के लिए एक समान सुरक्षा मानक तय करे.
हालांकि, उनका कहना है कि लोगों का भरोसा जीतने के लिए कंपनियों को सिर्फ सरकार के कानून का इंतजार नहीं करना चाहिए. AI कंपनियों को खुद भी जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा.
उनके मुताबिक, फ्रंटियर AI के संभावित खतरों से निपटने के लिए एक जैसे नियम होना अच्छा कदम होगा. इससे AI के फायदों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ इसके जोखिमों को भी कम किया जा सकेगा.
AI के आगे बढ़ने के साथ बढ़ेगी जिम्मेदारी
AI ने जिस तेजी से दुनिया को बदलना शुरू किया है, उससे आने वाले समय में बड़े फायदे होने की उम्मीद है. लेकिन इसके साथ जोखिम भी जुड़े हैं. यही वजह है कि अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि AI कितना आगे जाएगा, बल्कि यह भी है कि उसे कितना सुरक्षित रखा जा सकता है.
सैम ऑल्टमैन का ताजा बयान इसी बदलती सोच की ओर इशारा करता है—AI की रफ्तार भले ही तेज हो, लेकिन इंसानों की सुरक्षा उससे भी ज्यादा जरूरी होनी चाहिए.
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