पटना और दानापुर के बाढ़ प्रभावित दियारा क्षेत्र में इन दिनों जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। नदियां उफान पर हैं और प्रशासन की शुरुआती सुस्ती के बीच जन प्रतिनिधि अब मैदान में उतरने लगे हैं। इसी कड़ी में पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने दानापुर दियारा के बाढ़ ग्रस्त इलाकों का तूफानी दौरा किया। उन्होंने मोटरबोट के जरिए पानी से घिरे इलाकों में पहुंचकर सीधे पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना। इस दौरान उन्होंने कई जरूरतमंद परिवारों को अपने पास से आर्थिक सहायता प्रदान की, ताकि वे इस विकट समय में अपनी तत्काल जरूरतें पूरी कर सकें।
​दियारा क्षेत्र के लोगों के लिए बाढ़ हर साल तबाही लेकर आती है, लेकिन इस बार हालात और भी ज्यादा गंभीर बताए जा रहे हैं। सांसद पप्पू यादव ने संवाददाताओं और स्थानीय लोगों से चर्चा के दौरान कहा कि बाढ़ के पानी ने लोगों के घरों को अपनी आगोश में ले लिया है। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है और दिहाड़ी मजदूरों तथा किसानों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि इस आपदा की घड़ी में वे अकेले नहीं हैं, बल्कि वे हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं। आर्थिक मदद के साथ-साथ उन्होंने प्रशासन के माध्यम से भोजन, सूखा राशन, जीवन रक्षक दवाएं और अन्य जरूरी सामग्रियां तुरंत उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

​प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल और राहत कार्यों में तेजी लाने की मांग

​दौरे के दौरान स्थानीय निवासियों ने सांसद के सामने प्रशासन की ढिलाई और राहत सामग्री न मिलने की अपनी पीड़ा खुलकर रखी। लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए सांसद पप्पू यादव ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन के दावे कागजों तक सीमित नहीं होने चाहिए। उन्होंने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर तेज करने की मांग की।

​सांसद ने प्रशासन के समक्ष कुछ मुख्य मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • ​दियारा क्षेत्र के सभी जलमग्न गांवों में आवागमन के लिए पर्याप्त संख्या में सरकारी नावों का संचालन।
  • ​बाढ़ के पानी से घिरे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए ऊंचे स्थानों पर अस्थायी राहत शिविरों का निर्माण।
  • ​शिविरों और प्रभावित बस्तियों में शुद्ध पेयजल, सामुदायिक रसोई के जरिए गर्म भोजन और मेडिकल कैंप की व्यवस्था।
  • ​फसलों और मकानों को हुए नुकसान का तत्काल आकलन कर किसानों और गरीबों को उचित मुआवजा देना।

संकट की इस घड़ी में जनता के साथ मजबूती से खड़े रहने का संकल्प

​दौरे के अंत में सांसद पप्पू यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे राजनीति से ऊपर उठकर आम जनता के आंसुओं को पोछने का काम कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे को विधानसभा और लोकसभा के स्तर से लेकर सीधे संबंधित मंत्रियों और उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएंगे। बाढ़ पीड़ितों को उनका हक और राहत सामग्री मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। स्थानीय लोगों ने भी इस मुश्किल वक्त में सांसद के इस जन-संयोग और दौरे की सराहना की है, जिससे पीड़ितों को इस प्राकृतिक आपदा से लड़ने का कुछ संबल मिला है।