दिल्ली नगर निगम (MCD) के टोल टैक्स टेंडर को लेकर राजधानी की सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए करीब 500 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि निविदा की शर्तों को इस तरह तैयार किया गया कि प्रतिस्पर्धा प्रभावित हुई और इससे निगम के राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका पैदा हो गई।
AAP का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में अपनाई गई शर्तों की वजह से सभी इच्छुक कंपनियों को समान अवसर नहीं मिला। पार्टी ने आरोप लगाया कि इससे प्रतिस्पर्धा सीमित हुई और नगर निगम को संभावित आर्थिक नुकसान हो सकता है। आम आदमी पार्टी ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि टेंडर प्रक्रिया में यदि किसी तरह की अनियमितता हुई है तो उसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
टेंडर प्रक्रिया को लेकर AAP ने उठाए सवाल
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि निविदा तैयार करते समय ऐसी शर्तें शामिल की गईं, जिनसे सभी इच्छुक कंपनियों को समान अवसर नहीं मिल सका। अंकुश नारंग का दावा है कि टेंडर की शर्तों के कारण कुछ सीमित कंपनियों को लाभ मिलने की स्थिति बनी, जिससे निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि यदि टेंडर प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो इसका सीधा असर दिल्ली नगर निगम के राजस्व पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम की आय में कमी का असर अंततः दिल्ली के नागरिकों पर पड़ेगा, क्योंकि सफाई, सड़क, पार्क, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाओं सहित कई सार्वजनिक सेवाएं एमसीडी के राजस्व पर निर्भर करती हैं।
500 करोड़ रुपये के कथित नुकसान की जांच की मांग उठाई
पार्टी के नेताओं का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया से जुड़े सभी दस्तावेजों, पात्रता शर्तों और पूरी निविदा प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि यदि टेंडर प्रक्रिया में किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या अनियमितता हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। AAP ने मांग की है कि जांच में यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
अंकुश नारंग ने निगम आयुक्त से मांगा जवाब
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अंकुश नारंग ने निगम आयुक्त से पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। अंकुश नारंग ने कहा कि निगम आयुक्त को यह बताना चाहिए कि टेंडर प्रक्रिया किन मानकों और नियमों के आधार पर पूरी की गई। उन्होंने यह भी मांग की कि कथित अनियमितताओं के आरोपों पर स्पष्ट जवाब दिया जाए और यह बताया जाए कि यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है। AAP नेता ने कहा कि सार्वजनिक धन से जुड़े हर निर्णय में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनके अनुसार, टेंडर प्रक्रिया से संबंधित सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि किसी भी तरह की आशंका या विवाद की स्थिति समाप्त हो सके।
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