दिल्ली में संपत्ति पंजीकरण के लिए सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में लगने वाली लंबी कतारें जल्द कम होने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार ने राजधानी में सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की संख्या 22 से बढ़ाकर 39 कर दी है। इसके साथ ही इन कार्यालयों के क्षेत्राधिकार में भी बदलाव किया गया है। उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।

अब दिल्ली के सभी 13 जिलों में 39 एसडीएम के साथ 39 सब-रजिस्ट्रार तैनात किए गए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर सभी 39 कार्यालयों में सब-रजिस्ट्रार की नियुक्ति भी पूरी कर ली गई है। सरकार का अनुमान है कि नए कार्यालय शुरू होने से मौजूदा सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों पर काम का बोझ करीब 30 से 40 फीसदी तक कम होगा।

39 एसडीएम क्षेत्रों में तैनात होंगे सब-रजिस्ट्रार

दिल्ली में पहले 22 सब-रजिस्ट्रार कार्यालय थे। नए जिलों के गठन के बाद सब-डिवीजनों का भी पुनर्गठन किया गया, जिसके तहत राजधानी के 13 जिलों में कुल 39 एसडीएम क्षेत्र बनाए गए हैं। इन्हीं क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रत्येक एसडीएम क्षेत्र में एक सब-रजिस्ट्रार तैनात करने का प्रस्ताव उपराज्यपाल के पास भेजा था। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद गुरुवार को सभी 39 सब-रजिस्ट्रारों की तैनाती के आदेश जारी कर दिए गए। इस प्रक्रिया में कुछ अधिकारियों को उनके मौजूदा सब-रजिस्ट्रार पद पर ही बनाए रखा गया, जबकि अन्य अधिकारियों को वर्तमान कार्यभार से स्थानांतरित कर सब-रजिस्ट्रार के रूप में नियुक्त किया गया।

नए क्षेत्र के हिसाब से मिलेंगे अपॉइंटमेंट

सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों की संख्या बढ़ने के बाद अब संपत्ति पंजीकरण के लिए नए अपॉइंटमेंट संबंधित नए कार्यालय क्षेत्र के अनुसार ही दिए जाएंगे। हालांकि, जिन लोगों ने पहले से अपॉइंटमेंट ले रखा है, उनका काम उसी निर्धारित कार्यालय में ही पूरा किया जाएगा।

बेहतर होगा सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में कामकाज

दिल्ली सरकार की ओर से सब-रजिस्ट्रार के 39 पद अधिसूचित किए जाने के बाद अब सभी 13 राजस्व जिलों के 39 सब-डिवीजनों में इन पदों को भर दिया गया है। इससे सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों का कामकाज अधिक व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। ये कार्यालय आम लोगों से सीधे जुड़े महत्वपूर्ण राजस्व और संपत्ति पंजीकरण संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।

पारदर्शी और निष्पक्ष तैनाती पर जोर

दिल्ली सरकार ने पहली बार सब-रजिस्ट्रारों की तैनाती के लिए सूचना प्रौद्योगिकी आधारित यादृच्छिक चयन प्रक्रिया (रेंडमाइजेशन) अपनाई है। इसका उद्देश्य अधिकारियों की तैनाती को पारदर्शी, निष्पक्ष और स्पष्ट प्रक्रिया के तहत पूरा करना है। इस प्रक्रिया के तहत निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले अधिकारियों का एक समूह तैयार किया गया। इसके बाद तकनीक की मदद से इसी समूह में से सब-रजिस्ट्रारों का चयन किया गया। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से तैनाती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

जिले के अनुसार सब-रजिस्ट्रार कार्यालय

जिला     उप-मंडल (सब-रजिस्ट्रार)

दक्षिण-पूर्व         जंगपुरा, कालकाजी, बदरपुर

पुरानी दिल्ली      सदर बाजार, चांदनी चौक

उत्तर     बुराड़ी, आदर्श नगर, बादली

नई दिल्ली          दिल्ली कैंट, नई दिल्ली

सेंट्रल    पटेल नगर, करोल बाग

मध्य-उत्तर         शकूर बस्ती, शालीमार बाग, मॉडल टाउन

दक्षिण-पश्चिम     नजफगढ़, मटियाला, द्वारका, बिजवासन

बाहरी-उत्तर       मुंडका, नरेला, बवाना

उत्तर-पश्चिम       किराड़ी, नांगलोई जाट, रोहिणी

उत्तर-पूर्व           करावल नगर, गोकुलपुर, यमुना विहार, शाहदरा

पूर्व       गांधी नगर, विश्वास नगर, पटपड़गंज

दक्षिण   छतरपुर, मालवीय नगर, देवली, महरौली

पश्चिम    विकासपुरी, जनकपुरी, राजौरी गार्डन

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