दिल्ली सरकार राजधानी के लाल डोरा (Lal Dora) और आबादी वाले गांवों में रहने वाले लोगों को उनकी संपत्तियों का सुरक्षित, पारदर्शी और डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने मंगलवार को राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में स्वामित्व (SVAMITVA) योजना की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में योजना के तहत ड्रोन सर्वेक्षण की स्थिति, संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने की प्रक्रिया और स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड जारी करने की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और लाल डोरा क्षेत्रों की संपत्तियों का सटीक डिजिटल दस्तावेज तैयार कर लोगों को स्वामित्व संबंधी स्पष्ट और प्रमाणिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी के लाल डोरा और आबादी वाले गांवों में वर्षों से संपत्तियों का प्रमाणिक और व्यवस्थित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता था। इसी स्थिति को बदलने के लिए दिल्ली सरकार स्वामित्व (SVAMITVA) योजना के तहत आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर प्रत्येक संपत्ति का सटीक और डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कर रही है। ड्रोन सर्वे और डिजिटल मैपिंग के माध्यम से प्रत्येक संपत्ति की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित की जा रही है। इससे संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित होंगे, साथ ही भविष्य में स्वामित्व से जुड़े विवादों को कम करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र लोगों को जल्द ही QR कोड युक्त स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए जाएंगे। इन कार्डों में संपत्ति से जुड़ी प्रमाणिक डिजिटल जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे रिकॉर्ड तक आसान और सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी।

स्वामित्व योजना में तेजी, 48 गांव शामिल; 30 का सर्वे पूरा

भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से फिलहाल राजधानी के 48 गांवों को इस योजना में शामिल किया गया है। इनमें से 30 गांवों का ड्रोन सर्वेक्षण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं तथा उनके अंतिम प्रॉपर्टी कार्ड भी तैयार कर लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब इन प्रॉपर्टी कार्डों पर डिजिटल हस्ताक्षर किए जा रहे हैं और इसके बाद पात्र लोगों को QR कोड युक्त स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जाएंगे। यह पूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 12,232 संपत्तियों का सर्वे किया जा चुका है। इनमें से 8,423 संपत्तियां पूरी तरह विवाद-मुक्त पाई गई हैं, जो कुल सर्वेक्षित संपत्तियों का लगभग 69 प्रतिशत हैं। इन संपत्तियों के लिए स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दक्षिण और उत्तर-पश्चिम दिल्ली में सर्वे की गई सभी संपत्तियां पूरी तरह विवाद-मुक्त हैं। वहीं, अन्य जिलों में भी संपत्ति संबंधी विवादों के निस्तारण की प्रक्रिया जारी है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को जल्द से जल्द स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड का लाभ मिल सके।

ड्रोन सर्वे से लेकर डिजिटल रिकॉर्ड तक

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वामित्व (SVAMITVA) योजना केवल कागजी रिकॉर्ड तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह आधुनिक डिजिटल प्रणाली पर आधारित है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस प्रक्रिया की शुरुआत सबसे पहले लाल डोरा क्षेत्र की सीमाएं निर्धारित करने से होती है। इसके बाद भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) ड्रोन के माध्यम से पूरे गांव का हवाई सर्वेक्षण करता है। ड्रोन से तैयार किए गए डिजिटल मैप का राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करते हैं। यदि किसी प्रकार की त्रुटि या विसंगति सामने आती है तो उसे सुधार के लिए वापस भेजा जाता है, ताकि अंतिम रिकॉर्ड पूरी तरह सटीक हो।

सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्येक संपत्ति को एक प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन नंबर (PID) आवंटित किया जाता है। इसी यूनिक पहचान संख्या के आधार पर संबंधित संपत्ति का आधिकारिक प्रॉपर्टी कार्ड तैयार किया जाता है। सरकार के अनुसार, यही PID भविष्य में संपत्ति की पहचान का प्रमाणिक आधार बनेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले चरण में इस डिजिटल रिकॉर्ड को दिल्ली ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन इन्फॉर्मेशन सिस्टम (DORIS) से रियल टाइम में जोड़ा जाएगा। इससे संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड लगातार अपडेट होते रहेंगे और खरीद-फरोख्त, पंजीकरण तथा अन्य राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी।

स्मार्ट कार्ड पर होगी QR कोड की सुविधा

दिल्ली सरकार नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाले पीवीसी (PVC) स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड उपलब्ध कराएगी। ये कार्ड भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मानकों के अनुरूप तैयार किए जाएंगे, जिससे वे सुरक्षित, टिकाऊ और डिजिटल रूप से प्रमाणिक होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रत्येक स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड पर संपत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज होंगी। इनमें प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन नंबर (PID), कार्ड जारी होने की तारीख, गांव, उप-मंडल, जिला, कब्जाधारी का नाम, हिस्सेदारी, संपत्ति का क्षेत्रफल, भू-आधार संख्या और सह-कब्जाधारियों का विवरण शामिल रहेगा।

उन्होंने कहा कि हर कार्ड पर एक QR कोड भी दिया जाएगा। इस QR कोड को स्कैन करते ही संबंधित संपत्ति का डिजिटल फॉर्म-13 खुल जाएगा, जिसमें संपत्ति से जुड़ी विस्तृत और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध होगी। डिजिटल फॉर्म-13 में संपत्ति का विस्तृत नक्शा, चारों दिशाओं की सीमाएं, पड़ोसी संपत्तियों के PID, संबंधित खसरा नंबर, परिवार और सह-कब्जाधारियों का विवरण, तहसीलदार के डिजिटल हस्ताक्षर, आधिकारिक मुहर तथा दिल्ली आबादी देह सर्वेक्षण एवं रिकॉर्ड प्रबंधन नियम-2025 के तहत जारी वैध कब्जा प्रमाणपत्र भी उपलब्ध रहेगा।

डिजिटल संपत्ति प्रबंधन की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल के माध्यम से लोगों को उनकी संपत्तियों का प्रमाणिक डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा, जबकि सरकारी अभिलेख भी अधिक व्यवस्थित और अद्यतन बनाए जा सकेंगे। इससे भविष्य में संपत्ति से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पहले की तुलना में अधिक तेज, सरल और पारदर्शी होंगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से न केवल संपत्ति रिकॉर्ड का बेहतर प्रबंधन संभव होगा, बल्कि नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ भी अधिक सुविधाजनक तरीके से मिल सकेगा। सरकार का लक्ष्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ाना, विवादों को कम करना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।

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