नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के उपाध्यक्ष एन. सरवण कुमार ने हाल ही में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति के तहत होने वाले किफायती आवास विकास की योजना के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं। इस नीति के माध्यम से दिल्ली के मेट्रो और नमो भारत (आरआरटीएस) स्टेशनों के दोनों ओर बेहतर किफायती आवास विकसित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य शहरी परिदृश्य को बदलना और सतत विकास को बढ़ावा देना है। है। टीओडी नीति के अंतर्गत, मेट्रो और आरआरटीएस स्टेशनों के आसपास के इलाकों में लोगों के रहने के लिए अच्छे, सस्ते और सुलभ आवास उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे लोग सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग कर सकें।
एन. सरवण कुमार ने बताया कि यह योजना दिल्ली में परिवहन सुविधाओं से जुड़ी नई आवासीय इकाइयों को अधिक सुलभ और किफायती बनाने का प्रयास करती टीओडी नीति के तहत, स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों में मल्टी-यूज (बहु-उपयोगी) विकास को बढ़ावा दिया जाएगा, जो कि रेसिडेंशियल, कमर्शियल, और वाणिज्यिक सुविधाओं को मिलाकर एक सम्पूर्ण जीवनशैली उपलब्ध कराएगा। इस नीति का उद्देश्य न केवल आवास की कमी को पूरा करना है, बल्कि सड़क, जल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि ये क्षेत्र पूरी तरह से सामाजिक और आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकें।
इसके तहत, मौजूदा और प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर और नमो भारत (आरआरटीएस) लाइनों के पाँच सौ मीटर के दायरे में किफायती आवास का विकास किया जाएगा। डीडीए और आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि इसकी प्रक्रिया को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
टीओडी नीति के तहत, मेट्रो कॉरिडोर के दोनों तरफ पाँच मीटर के दायरे को टीओडी जोन और नमो भारत रेलवे लाइनों के पाँच मीटर के रेडियस को एनओडी जोन कहा जाएगा। इन क्षेत्रों में टीओडी नीति लागू होगी, जिससे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में टिकाऊ बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य किफायती आवासों का निर्माण और सार्वजनिक परिवहन के पास रहने के स्थानों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। एन. सरवण कुमार ने कहा कि इस नीति के तहत सस्ते और सुलभ आवास उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे दिल्ली के विकास में तेजी आएगी और इससे जुड़े यातायात विकल्पों को भी बढ़ावा मिलेगा। टीओडी नीति के माध्यम से, डीडीए विकसित क्षेत्रों में समग्र जीवन शैली के साथ-साथ सतत विकास को बढ़ावा देगा, जिससे सार्वजनिक परिवहन के उपयोग में भी बढ़ोतरी होगी और शहर में ट्रैफिक की समस्या में कमी आएगी।
इस तरह से लागू होगी TOD योजना
• 500 मीटर कॉरिडोर का दायरा: यह नीति मेट्रो और आरआरटीएस स्टेशनों के दोनों ओर 500 मीटर तक के कॉरिडोर को कवर करेगी। इससे सार्वजनिक परिवहन और आवास के बीच बेहतर संतुलन स्थापित किया जाएगा।
• क्षेत्रफल का विस्तार: इस योजना के तहत 207 वर्ग किमी के क्षेत्र में किफायती आवास और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
• बड़े प्लॉट्स का विकास: अब 2,000 वर्ग मीटर के बड़े प्लॉट्स को टीओडी विकास के लिए अधिकृत किया गया है, जिससे अधिक विस्तृत और समग्र शहरी विकास संभव होगा।
• उच्च फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर): टीओडी योजना के तहत, इन क्षेत्रों में 400 से 500 तक के उच्च फ्लोर एरिया रेशो स्वीकृत (अनुमत) हैं, जिससे शहरी विकास में ऊंची इमारतों का निर्माण किया जा सकेगा।
• किफायती आवास की सुविधा: इस नीति के तहत किफायती आवास को बढ़ावा दिया जाएगा और नागरिकों को बेहतर फ्लैट्स की सुविधा मिलेगी। खासतौर पर मध्यम आय वर्ग और कम आय वर्ग के लिए यह योजना लाभकारी होगी।
• निर्मित क्षेत्र में आवास अनिवार्य: इस नीति के तहत 65 प्रतिशत निर्मित क्षेत्र में आवास के लिए अनिवार्य किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को उचित आवास मिल सके।
• शहरी विकास में सुधार: यह नीति घनी आबादी वाले क्षेत्रों में शहरी विकास को बढ़ावा देती है, जिससे सतत विकास की दिशा में सुधार होगा और शहरी केंद्रों को अधिक संवेदनशील और समृद्ध बनाया जाएगा।
