हेमंत शर्मा, इंदौर। एमपी की इंदौर पुलिस अब ड्रग्स तस्करों पर सिर्फ कार्रवाई ही नहीं करेगी, बल्कि मौके पर ही ड्रग्स की पहचान भी करेगी। मध्य प्रदेश में पहली बार थाना स्तर तक ड्रग्स डिटेक्शन किट पहुंचाई गई है। इन किट्स की मदद से पुलिस मौके पर ही यह पता लगा सकेगी कि बरामद पदार्थ कौन सा ड्रग है और सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स की भी तुरंत जांच हो सकेगी।
नशे के खिलाफ इंदौर पुलिस ने अपनी कार्रवाई को और अधिक वैज्ञानिक और आधुनिक बना दिया है। पुलिस कमिश्नरेट के सभी थानों को ड्रग्स डिटेक्शन किट वितरित की गई हैं। इन किट्स की मदद से पुलिस किसी भी संदिग्ध पदार्थ की मौके पर ही प्राथमिक जांच कर सकेगी और यह पता लगाया जा सकेगा कि वह किस प्रकार का ड्रग या नारकोटिक पदार्थ है।
सिर्फ ड्रग्स ही नहीं, बल्कि सिंथेटिक ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले रॉ केमिकल्स की पहचान के लिए भी विशेष किट उपलब्ध कराई गई हैं। ये किट डीसीपी स्तर पर दी गई हैं, ताकि अलग-अलग जोन में बरामद होने वाले संदिग्ध केमिकल्स का तुरंत परीक्षण किया जा सके और उनकी प्रकृति का पता लगाया जा सके।
अब तक ऐसे मामलों में पुलिस को रिपोर्ट के लिए फॉरेंसिक लैब पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे जांच में समय लगता था। कई मामलों में जांच प्रक्रिया लंबी होने से कार्रवाई भी प्रभावित होती थी। नई डिटेक्शन किट के जरिए पुलिस मौके पर ही प्रारंभिक परीक्षण कर सकेगी, जिससे जांच तेज, पारदर्शी और अधिक प्रभावी होगी।
इंदौर पुलिस के मुताबिक कुछ महीने पहले वैज्ञानिक अधिकारियों के वाहनों में भी ड्रग्स डिटेक्शन किट उपलब्ध कराई गई थीं। अब पहली बार पूरे प्रदेश में सबसे पहले इंदौर कमिश्नरेट के सभी थानों तक यह सुविधा पहुंचाई गई है। इससे थाना स्तर पर ही ड्रग्स और नारकोटिक पदार्थों की प्रारंभिक पहचान संभव हो सकेगी।
इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह का कहना है कि यह किट अलग-अलग प्रकार के ड्रग्स, नारकोटिक पदार्थों और सिंथेटिक ड्रग्स में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न रासायनिक यौगिकों की पहचान करने में सक्षम है। इससे पुलिस कार्रवाई अधिक सटीक, वैज्ञानिक और प्रमाणिक होगी तथा नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
पुलिस कमिश्नर ने कहा, “सभी थानों को ड्रग्स डिटेक्शन किट दी गई हैं। अब मौके पर ही संदिग्ध पदार्थ की प्राथमिक जांच कर यह पता लगाया जा सकेगा कि वह किस प्रकार का ड्रग या नारकोटिक पदार्थ है। सिंथेटिक ड्रग्स में इस्तेमाल होने वाले रॉ केमिकल्स की जांच के लिए डीसीपी स्तर पर भी विशेष किट उपलब्ध कराई गई हैं। इससे पुलिस की कार्रवाई अधिक तेज, पारदर्शी और वैज्ञानिक होगी।”
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