सोहराब आलम, मोतिहारी। पूर्वी चंपारण के मलाही थाना क्षेत्र अंतर्गत चटिया बड़हरवा पंचायत के वार्ड संख्या-3 में कल रविवार की देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक मगरमच्छ गांव में घुसकर एक भैंस पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने हिम्मत और सूझबूझ का परिचय देते हुए मगरमच्छ को घेर लिया और रस्सी से बांधकर काबू में कर लिया।
8 घंटे बाद पहुंची वन विभाग की टीम
गांव में मगरमच्छ के घुसने की सूचना मिलने के बाद पंचायत मुखिया सहित कई ग्रामीणों ने पूरी रात वन विभाग के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद अरेराज सीओ को सूचना दी गई। सीओ के हस्तक्षेप के बाद करीब आठ घंटे बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया।
ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल
इस घटना से गांव में दहशत का माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की मांग की। स्थानीय लोगों के मुताबिक देर रात जब गांव में घुसे मगरमच्छ ने भैस को अपना शिकार बनाना चाहा तो भैंस चिल्लाने लगी। इसके साथ ही आसपास के कुत्ते भी शोर मचाने लगे। भैंस और कुत्तों के शोर मचाने की आवाज सुनकर जब ग्रामीण बाहर निकले तो विशालकाय मगरमच्छ देख उनके होश उड़ गए।
तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने की मांग
बता दें की गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान अक्सर जंगली और पानी वाले जीव आबादी इलाकों में घुस जाते हैं। फिलहाल गांव में मगरमच्छ घुसने से चटिया बड़हरवा पंचायत समेत आसपास के गांवों के लोगों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। लोगों ने प्रशासन ने गंडक नदी के तटवर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है, जिससे उनके और उनके मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। वहीं, वन विभाग के फोन नहीं उठाने और देरी से पहुंचने को लेकर भी लोगों में भारी नाराजगी है।
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