गोरखपुर नगर निगम ने शहर में पार्किंग व्यवस्था सुधारने और यातायात दबाव कम करने के लिए फ्लाईओवर व ओवरब्रिज के नीचे उपयुक्त स्थानों के इस्तेमाल की योजना बनाई है. इसके तहत मौजूदा पार्किंग स्थलों का सर्वेक्षण और क्षमता आकलन कर नए स्थलों की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं.

गोरखपुर. शहर में बढ़ते यातायात दबाव और सड़क किनारे होने वाली अनियोजित पार्किंग की समस्या को कम करने के लिए नगर निगम ने नई पहल शुरू की है. नगर आयुक्त अजय जैन की अध्यक्षता में हुई पार्किंग प्रबंधन समिति की बैठक में शहर की पार्किंग व्यवस्था को बेहतर बनाने पर सहमति बनी.

नगर निगम सीमा क्षेत्र में मौजूद निजी, सार्वजनिक और वाणिज्यिक पार्किंग स्थलों को चिह्नित कर उनका सर्वेक्षण कराया जाएगा. इसके साथ ही सभी ओवरब्रिज और फ्लाईओवर के नीचे उपलब्ध उपयुक्त स्थानों की भी पहचान की जाएगी, जहां जरूरत और मानकों के अनुरूप पार्किंग या वेंडिंग जोन विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी.

पार्किंग क्षमता का आकलन

समिति मौजूदा पार्किंग स्थलों की वास्तविक क्षमता का आकलन भी कराएगी. इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि शहर में उपलब्ध पार्किंग सुविधा वर्तमान जरूरत के अनुरूप है या नहीं.

जिन इलाकों में पार्किंग की आवश्यकता अधिक होगी, वहां नए पार्किंग स्थलों के विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा. इसके लिए संबंधित विभागों से परीक्षण और सुझाव लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

कई विभाग होंगे शामिल

योजना को लागू करने के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण, जिला प्रशासन, पुलिस, यातायात पुलिस, विद्युत विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी प्रक्रिया में शामिल किया गया है. समिति ने शहर में उपलब्ध पार्किंग स्थलों की मौजूदा स्थिति और नए स्थान विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की.

अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित क्षेत्रों में आवश्यक परीक्षण कर रिपोर्ट और सुझाव देने के निर्देश दिए गए हैं. पार्किंग स्थल तय करते समय सड़क पर यातायात का दबाव, वाहनों की आवाजाही, पैदल यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया.

फ्लाईओवर के नीचे जगह

बैठक में फ्लाईओवर और ओवरब्रिज के नीचे खाली पड़े उपयुक्त स्थानों के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई. इन स्थानों का परीक्षण करने के बाद वहां पार्किंग या वेंडिंग जोन विकसित करने की संभावनाएं देखी जाएंगी.

अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी और यातायात मानकों के अनुरूप इन स्थानों का इस्तेमाल होने पर शहर के व्यस्त इलाकों में पार्किंग का दबाव कुछ हद तक कम किया जा सकता है.

पैदल यात्रियों पर जोर

शहर के कई प्रमुख मार्गों और बाजार क्षेत्रों में सड़क किनारे वाहन खड़े होने से यातायात प्रभावित होता है. व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा नहीं होने पर लोग सड़कों के किनारे वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे सड़क की उपलब्ध चौड़ाई कम होने के कारण व्यस्त समय में जाम की स्थिति बनती है.

नगर निगम की पार्किंग प्रबंधन समिति ऐसी समस्याओं का स्थायी समाधान तलाशने पर काम कर रही है. पार्किंग स्थल इस तरह विकसित करने पर जोर दिया गया है कि फुटपाथ, पैदल रास्ते और मुख्य यातायात मार्ग बाधित न हों.

वाहनों के प्रवेश और निकास की व्यवस्था भी ऐसी रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे मुख्य सड़क पर अनावश्यक जाम की स्थिति पैदा न हो. नगर आयुक्त अजय जैन ने अधिकारियों को पार्किंग की मौजूदा स्थिति का व्यवस्थित आकलन कर आवश्यक कार्रवाई आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.

उन्होंने विभागों के बीच समन्वय के साथ काम करने पर जोर दिया, ताकि पार्किंग व्यवस्था सुधारने की योजना को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके.