Madan Dilawar Scam Allegations: राजस्थान की सियासत में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर एक बार फिर से जोरदार घमासान छिड़ गया है। अक्सर अपने तीखे बयानों से विपक्ष को घेरने वाले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अब खुद अपने ही विभाग और संस्था के घेरे में आ गए हैं। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक के बाद एक कई गंभीर आरोप लगाते हुए सीधे मदन दिलावर को निशाने पर लिया है। डोटासरा का दावा है कि जिस हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड के अध्यक्ष दिलावर खुद हैं, वहां करोड़ों रुपए का गबन हुआ है। इस खुलासे के बाद भाजपा खेमे में खलबली मच गई है।

करोड़ों का गबन और अवैध वसूली का खेल?

डोटासरा ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि दूसरों को भ्रष्टाचार का सर्टिफिकेट बांटने वाले मंत्री जी के संरक्षण में ही करोड़ों की गड़बड़ियां चल रही हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, डोटासरा ने आरोप लगाया है कि संस्था में धमकाकर अवैध वसूली की जा रही है और खातों में लाखों रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। सबसे चौंकाने वाला दावा 2024 की भर्ती प्रक्रिया को लेकर है, जिसमें बड़े पैमाने पर धांधली के साक्ष्य सामने आने की बात कही गई है।

डोटासरा का सवाल- किसके इशारे पर हुए फर्जी साइन?

ग्राउंड रिपोर्ट की मानें तो यह विवाद अब कैंपों में हुई अनियमितताओं तक पहुंच गया है। डोटासरा ने सीधा सवाल दागा है कि जब मदन दिलावर स्वयं संस्था के अध्यक्ष हैं, तो फिर ये करोड़ों का गबन और गड़बड़ियां किसके आदेश पर हुईं? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कैंपों में अधिकारियों द्वारा फर्जी हस्ताक्षर कर पैसे वसूले गए हैं। डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि मंत्री जी दूसरों पर अनर्गल आरोप लगाते हैं और खुद की संस्था में भ्रष्टाचार का पहाड़ खड़ा है।

जांच और जेल भेजने की मांग

राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था को लेकर पहले ही हमलावर कांग्रेस ने अब इस मुद्दे को सड़क पर ले जाने की तैयारी कर ली है। डोटासरा ने मांग की है कि अगर भाजपा सरकार में ज़रा भी नैतिकता बची है, तो इस पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को तुरंत जेल भेजा जाना चाहिए। फिलहाल, मदन दिलावर या भाजपा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से ट्रेंड कर रहा है।

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