गुरुग्राम में 20 गाड़ियों के काफिले के साथ धमकी देने के मामले में पुलिस जांच में रंगदारी और जान से मारने के आरोप झूठे पाए गए हैं। हालांकि, शांति भंग की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने 8 आरोपियों पर निवारक कार्रवाई करते हुए 5 स्कॉर्पियो गाड़ियां जब्त की हैं।
सुशीला देवी,गुरुग्राम। 20 गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचकर धमकी देने के वायरल वीडियो मामले में पुलिस जांच के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए रंगदारी, जान से मारने और काम बंद कराने के आरोप जांच में झूठे पाए गए। हालांकि, बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होकर शांति भंग करने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने 8 आरोपियों के खिलाफ निवारक कानूनी कार्रवाई की है।
ठेकेदार ने दी थी शिकायत
पुलिस के अनुसार, 15 जुलाई को एक ठेकेदार ने थाना राजेंद्र पार्क में शिकायत दी थी कि 50-60 युवक 20 वाहनों में सवार होकर उसकी साइटों पर पहुंचे और कर्मचारियों व सुरक्षा गार्डों को धमकाते हुए काम बंद करने तथा पैसे देने की बात कही। शिकायत मिलते ही अपराध शाखा सेक्टर-10 ने घटनास्थल का निरीक्षण कर गहन जांच और पूछताछ की।
पुलिस की निवारक कार्रवाई
जांच में शिकायतकर्ता के धमकी, रंगदारी और दूसरी साइट पर जाकर डराने-धमकाने के आरोप प्रमाणित नहीं हुए। इसके बावजूद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने नवीन उर्फ भोला, देवेंद्र उर्फ सुखू, परवीन उर्फ मोनू, अजय, मुंडी उर्फ योगेंद्र, अनिल, मोहित और सचेत उर्फ मोटा के खिलाफ बीएनएसएस की धारा 126/170 के तहत निवारक कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 स्कॉर्पियो गाड़ियां भी बरामद की हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

