Haryana Food Adulteration : चंडीगढ़: त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले हरियाणा सरकार ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है। बाजारों में खाद्य सामग्री की बढ़ती मांग को देखते हुए अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा सैंपल लेने, जांच कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर घी के नाम पर बिकने वाले उत्पादों और गैर-डेयरी पनीर को लेकर विभाग की नजर रहेगी।

खाद्य पदार्थों की जांच में तेजी लाने के निर्देश

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शुक्रवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की बिक्री और आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट या खराब गुणवत्ता वाले उत्पाद लोगों तक न पहुंचें, इसके लिए निरीक्षण और सैंपलिंग की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाए।

उन्होंने खाद्य पदार्थों की पूरी सप्लाई चेन पर निगरानी रखने के साथ वैज्ञानिक जांच और प्रवर्तन कार्रवाई को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। साथ ही संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल रखने के निर्देश दिए।

खाद्य सुरक्षा कानून तोड़ने वालों पर बढ़ी कार्रवाई

बैठक में सामने आया कि हरियाणा में खाद्य सुरक्षा कानूनों के उल्लंघन से जुड़े मामलों में कार्रवाई बढ़ी है। वर्ष 2023-24 में जहां 47 मामलों में दोषसिद्धि हुई थी, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 111 हो गई।

चालू वित्त वर्ष में 31 अगस्त तक 265 दोषसिद्धियां दर्ज की गई हैं और इन मामलों में कुल 55.86 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इससे पहले वित्त वर्ष 2025-26 में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कार्रवाई में 2.35 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

गैर-डेयरी पनीर पर एक साल की रोक

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा ने बैठक में बताया कि खाद्य सुरक्षा आयुक्त की अधिसूचना के तहत हरियाणा में एनालॉग या गैर-डेयरी पनीर के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगाई गई है।

इस कदम का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को निर्धारित गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराना है।

घी के नाम पर बिकने वाले उत्पाद भी निगरानी में

बैठक में घी, ‘घी का दीया’ और ‘पूजा का घी’ जैसे नामों से बेचे या प्रचारित किए जाने वाले उत्पादों को लेकर भी निर्देशों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि घी के रूप में दर्शाए, बताए या बेचे जाने वाले उत्पादों को घी के लिए तय खाद्य मानकों को पूरा करना जरूरी है।

त्योहारी सीजन में ऐसे उत्पादों की बिक्री बढ़ने की संभावना को देखते हुए इनकी जांच और सैंपलिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग में बढ़ेगा स्टाफ

राज्य में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के 45 नियमित पदों पर भर्ती की प्रक्रिया हरियाणा लोक सेवा आयोग को भेजी गई है। अधिकारियों के मुताबिक अतिरिक्त कर्मचारियों की उपलब्धता से निरीक्षण, निगरानी, सैंपल लेने, खाद्य पदार्थों की जांच और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

त्योहारों के दौरान बाजारों में खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग के बीच सरकार का फोकस अब सुरक्षित और मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर है।

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