लखनऊ. उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी और देवरिया की पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा के मीडिया पैनलिस्ट और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत उमराव ने दिव्या मित्तल के इस्तीफे और उनकी कार्यशैली को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई सवाल उठाए हैं. हालांकि, दिव्या मित्तल ने अपने इस्तीफे की वजह सार्वजनिक नहीं की है.
इसे भी पढ़ें- अंकित बालियान एनकाउंटर के बाद राजभर का अखिलेश पर हमला, बोले- ‘लाश पर जाट लिखकर राजनीति सौदागरी’
‘राहुल गांधी से मिलने के बाद इस्तीफा दिया’
प्रशांत उमराव ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि दिव्या मित्तल ने यह नहीं बताया कि उन्होंने राहुल गांधी से मिलने के बाद इस्तीफा दिया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा ‘पप्पू का एजेंडा’ फैलाने के लिए किया गया. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है.
‘संयुक्त सचिव का पद रास नहीं आया’
भाजपा नेता ने दिव्या मित्तल की प्रशासनिक कार्यशैली पर भी टिप्पणी की. उन्होंने लिखा कि हमेशा ‘राजा’ रहने की इच्छा थी, इसलिए संयुक्त सचिव का पद पसंद नहीं आया और डीएम के बाद सीधे कमिश्नर बनने की चाहत थी. प्रशांत उमराव ने दिव्या मित्तल की कार्यशैली और प्रचार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार की ‘हर घर योजना’ के काम को भी अपना प्रयास बताकर उद्घाटन किए जाने की कोशिश की गई और स्थानीय सांसद को कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया.
जनप्रतिनिधियों से रिश्तों को लेकर उठाए सवाल
प्रशांत उमराव ने सवाल किया कि जिन जिलों में दिव्या मित्तल तैनात रहीं, वहां कई जनप्रतिनिधियों से उनके संबंध क्यों नहीं बन पाए. उन्होंने पूछा कि क्या हर जगह जनप्रतिनिधि ही गलत हो सकते हैं, जबकि उनमें से कई को जनता ने दो-तीन बार चुना है. उन्होंने आरोप लगाया कि दिव्या मित्तल के पति पहले निजी नौकरी करते थे, लेकिन बाद में कथित तौर पर ‘दलाली के धंधे’ में आ गए और करोड़ों रुपये इकट्ठा किए गए. प्रशांत उमराव ने यह भी आरोप लगाया कि इसमें कुछ हिस्सा उनके पीआर करने वालों तक जाता रहा. ये सभी आरोप प्रशांत उमराव के सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
इसे भी पढ़ें- 100 फीट ऊंची टंकी पर चढ़ी 15 साल की छात्रा, छलांग लगाते ही हवा में लटकी; महिला दारोगा ने ऐसे बचाई जान
2013 बैच की IAS अधिकारी ने दिया इस्तीफा
बता दें कि 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने रविवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने की जानकारी X के जरिए दी थी. वह उत्तर प्रदेश के कई जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुकी हैं और देवरिया की जिलाधिकारी भी रही हैं. दिव्या मित्तल के इस्तीफे की वजह सामने नहीं आई है. ऐसे में भाजपा नेता के आरोपों ने इस पूरे मामले को नया राजनीतिक रंग दे दिया है. अब दिव्या मित्तल या प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी.


