हेमंत शर्मा, इंदौर। NEET की परीक्षा और रिजल्ट को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर (CJP Protest Delhi) में इस विवाद को लेकर युवाओं द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है तो वहीं अब मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से एक छात्र के अंक में आए भारी अंतर को लेकर मामला इंदौर हाई कोर्ट की दहलीज पर पहुंच गया है। छात्र का दावा है कि उसकी OMR शीट के अनुसार उसे 305 अंक मिलने चाहिए थे लेकिन NTA द्वारा जारी रिजल्ट में उसे महज 64 अंक दिए गए हैं। हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए NTA को नोटिस जारी कर OMR शीट का मूल रिकॉर्ड तलब किया है।
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305 बनाम 64 अंक का खेल
झाबुआ के रहने वाले एक छात्र ने इंदौर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर NTA के परिणाम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्र का आरोप है कि परीक्षा के बाद जारी की गई उत्तर कुंजी और उसकी OMR शीट का मिलान करने पर उसके 305 अंक बन रहे थे लेकिन जब फाइनल रिजल्ट घोषित हुआ तो उसे मजह 64 अंक मिले हैं।
छात्र ने याचिका में कहा है कि यह NTA के सर्वर या मूल्यांकन प्रणाली में बड़ी तकनीकी खामी का नतीजा है। छात्र ने कहा कि इतने कम अंक मिलने के कारण छात्र का मेडिकल कॉलेज में एडमिशन पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है और उसका भविष्य अधर में लटक गया है।
हाई कोर्ट का सख्त रुख, OMR शीट रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश
मामले की सुनवाई करते हुए इंदौर हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने NTA को कड़ा रुख दिखाया है। कोर्ट ने NTA को छात्र की वास्तविक OMR शीट और मूल्यांकन से जुड़े सभी आधिकारिक दस्तावेज कोर्ट के समक्ष रिकॉर्ड पर पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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अगले सप्ताह होगी दोबारा सुनवाई
हाई कोर्ट ने इस याचिका पर अगली सुनवाई अगले सप्ताह तय की है। माना जा रहा है कि NTA द्वारा रिकॉर्ड पेश किए जाने के बाद इस गड़बड़ी की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।
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