अमृतसर। हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूर्ण कुमार की खुदकुशी मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। फिलहाल जांच चंडीगढ़ पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा की जा रही है, जिसे कोर्ट ने पूरी तरह संतोषजनक बताया।
चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की डिवीजन बेंच ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस की जांच पर संदेह करने का कोई ठोस आधार नहीं है। SIT की अब तक की कार्रवाई में किसी भी तरह की लापरवाही या पक्षपात का संकेत नहीं मिला हैं।
जांच की प्रगति पर कोर्ट को दी गई जानकारी
चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अमित झांजी ने अदालत को बताया कि FIR में 14 लोगों को आरोपी बनाया गया है। FIR दर्ज होने के बाद कई वस्तुएं जब्त कर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) को भेजी गई हैं और रिपोर्ट का इंतजार है। 10 अक्टूबर 2025 को चंडीगढ़ के IG की अगुवाई में SIT गठित की गई थी।
कोर्ट ने माना कि जांच में कोई ढिलाई या देरी नहीं हुई है, इसलिए इसे किसी अन्य एजेंसी को सौंपने की जरूरत नहीं है। हरियाणा के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूर्ण कुमार ने 7 अक्टूबर 2025 को चंडीगढ़ स्थित अपने घर में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।

घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट में उन्होंने हरियाणा के तत्कालीन DGP शत्रुघ्न कपूर, रोहतक के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक नरिंदर बिजारनिया सहित कईं अधिकारियों पर जातीय भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
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