मिडिल ईस्ट युद्ध बीच जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफादी ने ईरान को दो टूक कहा है कि जॉर्डन पर हमला किया गया तो देश अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा. अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष को लेकर जॉर्डन ने अपनी स्थिति साफ कर दी है. ईरान कई बार जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी वाले सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर चुका है. हालांकि ज्यादातर हमलों को अमेरिकी वायु रक्षा प्रणालियों ने नाकाम कर दिया.
जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफादी ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि युद्ध शुरू होने के दो घंटे बाद जॉर्डन पर हमला किया गया. अमेरिका के साथ करीबी सुरक्षा संबंधों के कारण जॉर्डन ईरान के निशाने पर है.
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ रहे संघर्ष के बीच जॉर्डन ने अपना रुख पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है. अमेरिकी सैनिकों की मेजबानी करने वाले जॉर्डन को ईरान के साथ जारी अमेरिका के युद्ध में वाशिंगटन के साथ करीबी संबंधों की कीमत चुकानी पड़ रही है.
ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बावजूद जॉर्डन अमेरिका के साथ अपनी रणनीतिक और रक्षा साझेदारी जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। देश में 12 सैन्य प्रतिष्ठानों तक अमेरिकी बलों की पहुंच है.
वहीं, वियना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सफादी ने कहा कि युद्ध शुरू होने के करीब दो घंटे बाद जॉर्डन पर हमला किया गया. उनके मुताबिक, जॉर्डन ने किसी पक्ष को युद्ध में शामिल होकर समर्थन नहीं दिया, बल्कि अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दी.
जॉर्डन में और हमलों के खतरे के बावजूद उसके नेताओं का कहना है कि वे अमेरिका के साथ करीबी संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. जॉर्डन अमेरिकी अधिकारियों के साथ सुरक्षा संबंध मजबूत करने और संघर्ष से जूझ रहे पश्चिम एशिया में पश्चिमी देशों के लिए एक भरोसेमंद साझेदार बनने की दशकों से कोशिश करता रहा है.
अयमान सफादी ने इस तर्क को भी खारिज किया कि जॉर्डन किसी दूसरे देश के सैन्य अभियान में सहयोग कर रहा है. सफादी ने कहा कि जॉर्डन एक संप्रभु देश है और अपनी सुरक्षा से जुड़े फैसले खुद लेने का अधिकार रखता है.
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