रणधीर परमार, छतरपुर। केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़ी रूंज एवं मझगांव मध्यम सिंचाई परियोजना के डूब प्रभावित परिवारों का आंदोलन आज उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने नदी के बीच में सांकेतिक फांसी, चिता और सूली पर चढ़ने का प्रदर्शन किया। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने धरना स्थल पहुंचकर इस प्रदर्शन का समर्थन किया है।
इस मामले में 11वें दिन छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल सामने आये और उन्होंने बताया कि सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए 202 करोड़ 50 लाख का अतिरिक्त पुनर्वास पैकेज स्वीकृत किया है। इस पैकेज मे प्रति परिवार सहायता राशि अब 5 लाख से बढ़ाकर 12.5 लाख कर दी गई है। इस परियोजना मे छतरपुर जिले के प्रभावित गांवो में अब तक करीब 90% प्रभावित परिवारों को मुआवजा वितरित किया जा चुका है। पन्ना जिले की रूंज परियोजना के लिए 54.75 करोड़ और मझगांव परियोजना के लिए 108.75 करोड़ स्वीकृत एमपी सरकार की कैबिनेट ने किये है।
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कलेक्टर ने बताया कि अभी जो लोग धरने पर हैं, उनमें अधिकांश पन्ना जिले के हैं। छतरपुर जिले के ज्यादातर प्रभावितों को मुआवजा मिल चुका है। कलेक्टर ने कहा कि लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन भ्रामक जानकारी फैलाकर लोगों को भ्रमित न करें। परियोजना को राजनीतिक रंग न दिया जाए। तथ्यात्मक जानकारी ही सामने आनी चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य सभी पात्र परिवारों को समय पर लाभ पहुंचाना और पुनर्वास प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करना है।
इधर आंदोलनकारी अमित भटनागर ने कहा कि अभी भी कई परिवारों की समस्याएं बाकी हैं, इसलिए प्रदर्शन जारी है। प्रशासन लगातार बातचीत कर रहा है और विकास कार्यों को बिना बाधा आगे बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। वहीं केन-बेतवा के विस्थापितों के धरने ने अब राजनैतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस नेता व विधानसभा में नेता विपक्ष उमंग सिंगार ने धरना स्थल पर पहुंचकर इस प्रदर्शन को समर्थन दिया और इस मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही है।
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