कुंदन कुमार, पटना। रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत पर खान सर का बयान सामने आया है। खान सर ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड करते हुए प्रिंस यादव के निधन पर दुख जताते हुए शोक व्यक्त किया है। इस दौरान वे काफी भावुक दिखे। खान सर ने कहा कि, यह समय कैसे करवट ले रहा है। समय किस स्थिति में चला गया है। उन्होंने कहा कि, शुरू में उन्हें पहले विश्वास नहीं हुआ, लेकिन न्यूज देखा तो मेरे पैर के नीचे से जमीन खिसक गई।

प्रिंस की मौत से खान सर हैरान

खान सर ने आगे कहा कि, सभी चीजें (पटना कोचिंग विवाद) चल रहीं थी। लेकिन इस बीच प्रिंस यादव के मौत की खबर ने उन्हें पूरी तरह से हैरान कर दिया। इस दौरान उन्होंने अपने वीडियो में प्रिंस यादव के उन दोस्तों का भी वीडियो दिखाया, जो प्रिंस के साथ नेपाल के होटल में ठहरे हुए थे। वीडियो में प्रिंस के दोस्त बता रहे हैं कि प्रिंस का दवा चल रहा था। उसे दो बार पहले भी अटैक आ चुका था।

प्रिंस के दोस्त ने यह भी बताया कि उसके साथ किसी ने कुछ नहीं किया। वह 5 -7 दिनों से सो नहीं रहा था। इस बीच अचानक उसकी तबीयत खराब हुई, उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिवार के प्रति जाहिर की संवेदना

खान सर ने कहा कि, प्रिंस यादव के दोस्तों का बयान देख उनका दिल दहल गया। उन्होंने कहा कि, भगवान इस कठिन दौर से परिवार को निकलने की सहनशक्ति दे। इस भयानक स्थिति में उनके उपर क्या कुछ गुजर रहा होगा। हमारी संवेदना उनके परिवार के साथ है। खान सर ने कहा कि, हमसे जो कुछ भी वो लोग कहेंगे। हम हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं।

मीडिया से की यह अपील

इस दौरान खान सर ने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है। इस खबर को लेकर मीडिया को संवेदनशील रहने की जरुरत है, जो सही खबर है, उसे ही चलाया जाए। अफवाह और अटकलों से बचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने इस घटना को लेकर पुलिस से ऑफिशियल बयान जारी करने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की।

तीसरे इंसान के शामिल होने की आशंका

खान सर ने प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत मामले में किसी तीसरे इंसान के शामिल होने की भी आशंका जाहिर की। उन्होंने कहा कि, इसमें कोई ना कोई तीसरा साजिश जरूर कर रहा है। इसके लिए उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। खान सर ने कहा कि, कोई तीसरा एंगल भी हो सकता है, मामले में जो भी दोषी पाए जाए, उनमें से किसी एक को भी नहीं छोड़ा जाए। दोषियों को फांसी से नीचे कोई सजा नहीं देनी चाहिए।

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