इमरान खान, खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में रविवार को कोरकू जनजाति के लोगों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। आमाखुजरी जंगल में जमे अतिक्रमणकारियो के खिलाफ आंदोलन किया। इस दौरान स्टेडियम ग्राउंड में कड़ी पुलिस व्यवस्था थी। कोरकू जनजाति के लोगों ने ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
शहर के स्टेडियम ग्राउंड में हजारों की संख्या में जमा हुए कोरकू को जनजाति के लोगों की यह मांग है, कि जिले के आमाखुजरी जंगलों में खरगोन, बड़वानी से आए अतिक्रमणकारियों द्वारा लगातार वनों की कटाई की जा रही है। जिससे स्थानीय कोरकू आदिवासी समाज का अस्तित्व खतरे में आ गया है। इसीलिए बाहर से आए अतिक्रमणकारियों को वहां से बाहर किया जाए। क्योंकि लगातार जंगल काटने से स्थानीय कोरकू आदिवासी समाज के सामने आजीविका तथा भोजन का संकट खड़ा हो गया है।
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कोरकू समाज के लोगों ने एसडीएम बजरंग बहादुर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिसके माध्यम से कोरकू आदिवासी समाज का कहना है, कि जंगलों की लगातार कटाई होने से स्थानीय आदिवासियों का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है। जंगलों से तेंदूपत्ता, लघु वन उपज तथा खाना बनाने के लिए लकड़ी बीनने की समस्या खड़ी हो गई है और स्थानीय आदिवासियों की जमीन पर खंडवा के आसपास से आए अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर लिया है। जिनके खिलाफ प्रशासन की ओर से कुछ दिन पहले कार्रवाई की गई थी।
कोरकू समाज ने कहा कि इस कार्रवाई का समर्थन करते हैं और यह मांग करते हैं, कि इन सभी को जंगलों से बाहर किया जाए। ज्ञापन को लेकर एसडीएम बजरंग बहादुर सिंह ने बताया कि आमाखुजरी और उसके आसपास से आए कोरकू समाज के लोगों ने ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने जंगल और पर्यावरण को बचाने के लिए एक अच्छी पहल की है। उनका ज्ञापन आगे की कार्रवाई के लिए भेजेंगे।
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