रविंद्र कुमार भारद्वाज, रायबरेली. समाजवादी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी सरकार पर आरक्षण विरोधी होने का सीधा और तीखा आरोप लगाया है. पार्टी ने दावा किया है कि भाजपा के 10 साल के शासनकाल में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के संवैधानिक अधिकारों का हनन करते हुए, विभिन्न सरकारी भर्तियों में कुल 11,514 आरक्षित सीटों की ‘महा-लूट’ की गई है. यह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ किया गया खिलवाड़ है.

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र यादव ने भाजपा सरकार को अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति वर्ग एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग विरोधी करार दिया. उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि संवैधानिक रूप से मिलने वाले आरक्षण को उत्तर प्रदेश सरकार जानबूझकर रोक रही है, जिससे PDA वर्ग के युवाओं को उनके हक से वंचित किया जा रहा है. यह सीधे तौर पर संवैधानिक मूल्यों पर हमला है.

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आरक्षण पर डाका: चौंकाने वाले खुलासे

सपा ने 69,000 शिक्षक भर्ती (2019) का हवाला देते हुए बताया कि ओबीसी वर्ग को 27% के बजाय मात्र 3.86% आरक्षण दिया गया, यानी 23.14% की सीधी लूट. अनुसूचित जाति वर्ग को 21% के स्थान पर 16.2% मिला, जिससे 4.80% आरक्षण पर डाका डाला गया. सबसे शर्मनाक स्थिति अनुसूचित जनजाति वर्ग की रही, जिन्हें 2% आरक्षण मिलना था, लेकिन उन्हें ‘शून्य’ आरक्षण देकर उनके हक को पूरी तरह से छीन लिया गया. पार्टी ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का भी जिक्र किया, जिसने PDA वर्ग के 30% घोटाले को सही ठहराया है.

सपा ने याद दिलाया कि खुद उत्तर प्रदेश सरकार ने 2022 चुनाव से पहले शिक्षक भर्ती में आरक्षण की लूट स्वीकार की थी और 6800 पदों की एक अतिरिक्त सूची जारी की थी. इसके बावजूद, अनुसूचित जनजाति वर्ग के 1133 पद खाली छोड़ दिए गए, जो सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करता है. सरकार के अपने आंकड़ों के अनुसार भी, 7933 पदों की लूट हुई है.

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2027 में सत्ता से बेदखली की चेतावनी

विधायक बछरावां श्याम सुन्दर भारती ने भाजपा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि PDA के साथ किया जा रहा यह ‘सौतेला व्यवहार’ आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बेदखल कर देगा. उन्होंने भाजपा पर संविधान के रास्ते बंद कर ‘तानाशाही’ करने का आरोप लगाया और दावा किया कि PDA एकजुट होकर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाएगा. सपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार जानबूझकर PDA वर्ग के लोगों को बेरोजगार कर रही है, जो एक राजनीतिक प्रतिशोध से कम नहीं है. यह सिर्फ आरक्षण का मुद्दा नहीं, बल्कि न्याय और समानता के लिए एक निर्णायक लड़ाई है.