कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने डेयरी क्षेत्र को नई रफ्तार देने, किसानों की आय बढ़ाने और महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इन फैसलों से डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सहकारिता आंदोलन को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वीटा को दूध उपलब्ध कराने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला सीएम पैक्स (CMPACS) से जुड़ी महिलाओं को 10 रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे अधिक से अधिक महिलाएं डेयरी व्यवसाय से जुड़ेंगी और उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

इसके अलावा राज्य सरकार गांवों की पंचायती भूमि पर ‘सांझी डेयरी’ स्थापित करेगी। इन सामुदायिक डेयरियों में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य महिलाओं के पशुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे पशुपालन की लागत कम होगी और डेयरी व्यवसाय अधिक लाभकारी बनेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ (HDDCF) महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला सीएम पैक्स की सदस्य महिलाओं को दुग्ध पशु खरीदने के लिए रियायती ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

दुग्ध उत्पादकों को भी सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत HDDCF को दूध आपूर्ति करने वाले उत्पादकों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ा दी गई है। अब ग्रीष्मकाल में प्रोत्साहन राशि 5 रुपये से बढ़ाकर 7 रुपये प्रति लीटर और शीतकाल में 3 रुपये से बढ़ाकर 5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और महिलाओं की आय बढ़ाने, डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने और सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये फैसले ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे और हरियाणा को डेयरी विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m