Delhi Police Advisory: राजधानी में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने अपने सभी कर्मियों की नियमित छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह फैसला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और किसी भी संभावित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस मुख्यालय (Police Headquarters) की ओर से गुरुवार को इस संबंध में एक सर्कुलर जारी किया गया। यह आदेश सभी जिला पुलिस उपायुक्तों (DCP), फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO), इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGI Airport) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया है।

इमरजेंसी में ही मिलेगी छुट्टी

दिल्ली पुलिस द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, अगले आदेश तक पुलिस कर्मियों की कैजुअल लीव (सीएल) और अर्नड लीव (ईएल) सहित किसी भी प्रकार की नियमित छुट्टी स्वीकृत नहीं की जाएगी। केवल वास्तविक आपात स्थिति (इमरजेंसी) में ही सक्षम प्राधिकारी द्वारा तथ्यों की जांच और संतुष्टि के बाद छुट्टी मंजूर की जाएगी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पुलिस कमिश्नर की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी किसी प्रशिक्षण कार्यक्रम (Training Program) या कोर्स में हिस्सा नहीं ले सकेगा। सर्कुलर में कहा गया है, “कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति को देखते हुए तत्काल प्रभाव से पुलिस अधिकारियों सहित किसी भी पुलिसकर्मी को अगले आदेश तक रूटीन लीव, कैजुअल लीव और अर्नड लीव जैसी नियमित छुट्टियां नहीं दी जाएंगी।”

सभी डीसीपी को सख्ती से आदेश लागू करने के निर्देश

दिल्ली पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी सर्कुलर में सभी जिला पुलिस उपायुक्तों (DCP) को निर्देश दिया गया है कि पुलिस कर्मियों की छुट्टियां रद्द करने संबंधी आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सर्कुलर में कहा गया है कि केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिवत सत्यापन और अनुमति के बाद छुट्टी स्वीकृत की जाएगी। यह आदेश ऐसे समय जारी किया गया है, जब राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में सुधार, नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी हैं।

गौरतलब है कि 20 जुलाई को CJP के आह्वान पर हजारों प्रदर्शनकारी ‘संसद चलो’ मार्च के लिए जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई तथा कई लोगों के घायल होने की खबरें सामने आईं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना से जुड़े सभी डिजिटल साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा, ताकि हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान की जा सके। जांच के तहत सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन वीडियो, मोबाइल फोन से बनाई गई रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जाएगी। दिल्ली पुलिस ने बताया कि इसके लिए कई विशेष टीमें गठित की गई हैं, जिन्हें सुरक्षाकर्मियों पर कथित हमलों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में शामिल लोगों की पहचान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या प्रदर्शन के दौरान कुछ बाहरी लोग या आदतन अपराधी आंदोलन में शामिल होकर हिंसा में शामिल हुए थे। अधिकारियों के मुताबिक, जांच का उद्देश्य घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करना है।

दिल्ली पुलिस अब संभावित ‘बाहरी तत्वों’ की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन से पहले और प्रदर्शन के दौरान प्राप्त खुफिया सूचनाओं से संकेत मिले थे कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे, जो नियमित प्रदर्शनकारियों का हिस्सा नहीं थे। सूत्रों के मुताबिक, इसी आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि कुछ असामाजिक तत्वों ने प्रदर्शन का फायदा उठाकर हिंसा भड़काने की कोशिश की हो सकती है। इस पहलू की जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने कई विशेष टीमें गठित की हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच दल यह पता लगाने में जुटे हैं कि क्या ऐसे व्यक्तियों की कथित पत्थरबाजी, सुरक्षाकर्मियों पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं में कोई भूमिका थी। इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन वीडियो, मोबाइल रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

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