पवन राय, मंडला। ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय…’ यह कहावत मध्य प्रदेश के मंडला जिले में सच साबित हुई है। सोमवार देर रात उफनाए नाले में बाइक सहित बहे दो युवकों की जिंदगी और मौत के बीच ऐसी जंग देखने को मिली, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। पानी के प्रचंड बहाव में बहते हुए एक युवक ने जहां ‘पेड़’ की डाल पकड़कर अपनी सांसें बचाईं, वहीं दूसरा युवक 2 किलोमीटर तक काल से लड़ते हुए खुद-ब-खुद सही-सलामत किनारे आ निकला।
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खतरा मोल लेना पड़ा भारी: उफनती पुलिया पार करने की गलती
घटना निवारी-मक्के-डिठौरी मार्ग को मंडला से जोड़ने वाली बंधा पुलिया की है। महाराजपुर निवासी प्रभान मरावी और सिकंदर कुड़ापे अपनी बाइक से सगोनिया की ओर जा रहे थे। रास्ते में निर्माणाधीन बंधा पुलिया पर बारिश का तेज पानी बह रहा था। दोनों युवकों ने जोखिम उठाकर पुलिया पार करने की कोशिश की लेकिन पानी का रौद्र रूप बाइक सहित दोनों को पेड़ के पत्तों की तरह बहा ले गया।
एक पेड़ पर अटका, दूसरा 2 KM दूर निकला
पानी के तेज थपेड़ों के बीच बहते हुए प्रभान ने हिम्मत नहीं हारी और पानी के बीच में मौजूद एक पेड़ को जोर से पकड़ लिया। वह पेड़ के सहारे रात के अंधेरे में लटका रहा। ग्रामीणों को खबर मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और रस्सी डालकर उसे सुरक्षित बाहर खींच लिया।
दूसरा साथी सिकंदर कुड़ापे बाइक समेत सीधे नाले के बहाव में बह गया। रात भर SDERF की टीम और ग्रामीण उसकी तलाश में भटकते रहे, सब अनहोनी की आशंका जता रहे थे। लेकिन मंगलवार की सुबह जब खबर आई तो सबके चेहरे खिल उठे। पता चला कि सिकंदर घटना स्थल से करीब डेढ़-दो किलोमीटर दूर खुद तैरकर सुरक्षित किनारे पर आ चुका था।
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प्रशासन ने राहत की सांस लेते हुए लोगों से सख्त अपील की है कि उफनती नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार करने का जानलेवा स्टंट बिल्कुल न करें।
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