राष्ट्रीय राजधानी इस बार BRICS समिट की मेजबानी कर रही है। 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले शिखर सम्मेलन को लेकर दिल्ली में तैयारियां जोरों पर हैं। हालांकि, इस हाई प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय आयोजन का असर आम दिल्लीवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई दे रहा है। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए जा रहे हैं। वहीं, 11 सितंबर को दिल्ली के सभी स्कूल बंद रखने का फैसला भी किया गया है। समिट के दौरान आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कई कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी जा रही है।
BRICS समिट का आयोजन 11 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली में होना है। इस हाई प्रोफाइल आयोजन में दुनिया के कई देशों के नेता और प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे। समिट को लेकर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के होटलों में कमरों की मांग बढ़ गई है, जिसका असर किराए पर भी दिखाई दे रहा है। ज्यादातर होटलों के किराए में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। होटल कारोबार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, समिट से पहले शुरू हुई किराए में बढ़ोतरी का असर 20 सितंबर तक बने रहने की संभावना है। विदेशी मेहमानों और प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को देखते हुए होटल कारोबार में भी हलचल बढ़ गई है। वहीं, समिट की मेजबानी को लेकर दिल्ली को भी सजाया-संवारा जा रहा है।
2024 में हुआ BRICS का विस्तार
BRICS में शुरुआत में भारत के साथ ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। वर्ष 2024 में संगठन का विस्तार करते हुए मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को इसमें शामिल किया गया। इसके बाद 2025 में इंडोनेशिया भी BRICS का सदस्य बना।
BRICS Summit के आसपास सबसे अधिक दबाव
BRICS Summit की तारीखें नजदीक आते ही दिल्ली के होटल बाजार में बुकिंग का दबाव सबसे अधिक दिखाई दे रहा है। राजधानी के कई प्रमुख होटल इन तारीखों के लिए पूरी तरह बुक हो चुके हैं। जिन होटलों में अभी कमरे उपलब्ध हैं, वहां एक रात के ठहरने के लिए करीब 1 लाख से 2.4 लाख रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। लुटियंस दिल्ली और एरोसिटी के लगभग सभी प्रमुख होटलों में कमरों की उपलब्धता बेहद सीमित हो गई है। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों, राजनयिकों और हाई-प्रोफाइल वैश्विक प्रतिनिधिमंडलों के पहुंचने की संभावना के चलते प्रीमियम श्रेणी के कमरों की मांग में भी तेजी आई है। प्रमुख पांच सितारा होटलों में प्रेसिडेंशियल और सुपर लग्जरी सुइट्स का किराया करीब 14 लाख रुपये प्रति रात तक पहुंच गया है। वहीं, सामान्य एग्जीक्यूटिव और डीलक्स कमरों के दाम भी उपलब्धता कम होने के कारण कई गुना बढ़ गए हैं।
राजधानी में एक कमरे का किराया 80 हजार के पार
दिल्ली के बड़े होटलों में लग्जरी कमरे का किराया आमतौर पर करीब 18 हजार रुपये प्रति रात होता है, लेकिन BRICS Summit के दौरान तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। इन दिनों ज्यादातर कमरे या तो पूरी तरह बुक हैं या फिर उपलब्ध कमरों के लिए 80 हजार रुपये या उससे अधिक किराया लिया जा रहा है। होटल कमरों के किराए में इस बढ़ोतरी की प्रमुख वजह राष्ट्रीय राजधानी में बड़ी संख्या में डेलिगेशन, राजनयिकों, मंत्रियों और अधिकारियों का पहुंचना है। इनके ठहरने के चलते होटल कमरों की मांग तेजी से बढ़ गई है। इसका असर सिर्फ सेंट्रल दिल्ली तक सीमित नहीं है। एयरोसिटी, गुरुग्राम और नोएडा के होटलों में भी कमरों की मांग काफी बढ़ गई है। कई होटलों में लगभग सभी कमरे पहले ही बुक हो चुके हैं।
होटल बुकिंग 25 फीसदी बढ़ी
Cleartrip के PeekABoo Trends Tracker के आंकड़ों के मुताबिक, BRICS Summit वाले वीकेंड के आसपास दिल्ली में होटल बुकिंग पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 25 फीसदी अधिक रही है। होटल कारोबार से जुड़े इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि समिट के दौरान राजधानी में यात्रियों और विदेशी मेहमानों की आवाजाही कितनी बढ़ने वाली है।
ताज होटल में कमरों के दाम कई गुना बढ़े
एक रिपोर्ट के अनुसार, ताज होटल में जिस कमरे का किराया आम दिनों में करीब 1.5 लाख रुपये तक रहता था, वही अब बढ़कर 12 से 15 लाख रुपये प्रति रात तक पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के ज्यादातर पांच सितारा होटलों में समिट की अवधि के लिए बुकिंग पहले ही पूरी हो चुकी है।
सामान्य टैरिफ पर भी पड़ा असर
राजधानी के होटल भी विदेशी मेहमानों की मेजबानी के लिए तैयार हैं। नई दिल्ली स्थित द ललित होटल में कई देशों से आने वाले डेलिगेशन और प्रतिनिधियों के ठहरने की उम्मीद है। होटल के जनरल मैनेजर विशाल शर्मा के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका, बुरुंडी और UAE समेत कई देशों के प्रतिनिधिमंडल और प्रतिनिधि होटल में ठहर सकते हैं। विशाल शर्मा ने बताया कि BRICS Summit के चलते होटल के कमरों की मांग में असाधारण बढ़ोतरी हुई है। मांग बढ़ने के साथ कमरों की कीमतें भी सामान्य टैरिफ की तुलना में करीब 30 फीसदी तक अधिक हो गई हैं।
समिट का असर ट्रैफिक पर, प्रशासन मुस्तैद
अगले कुछ दिनों में बढ़ने वाली भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ट्रैवल एजेंट भी लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दे रहे हैं। वहीं, दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए भी अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। समिट के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए राजधानी में कई जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है।
नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) के वाइस-चेयरपर्सन कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि समिट से पहले अधिकारी VIP डेलीगेट्स की आवाजाही वाले प्रमुख रास्तों और चौराहों समेत 41 अहम मार्गों की जोन-दर-जोन निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा, 17 प्रमुख गोल-चक्करों पर सजावटी लाइटें लगाई गई हैं। NDMC की ओर से 11 होटल कॉम्प्लेक्स के आसपास सफाई व्यवस्था बेहतर करने के साथ अतिरिक्त रोशनी की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, परिषद ने अपनी 10 इमारतों को भी रोशन किया है। प्रशासन का फोकस समिट के दौरान सुरक्षा, यातायात और शहर की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर है।
GST काउंसिल की बैठक अगले महीने तक टली
BRICS Summit के चलते दिल्ली में होने वाली GST काउंसिल की 57वीं बैठक को अगले महीने तक के लिए टाल दिया गया है। पहले यह बैठक 12 सितंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसका आयोजन 7 अक्टूबर को होगा। बैठक से पहले 5 और 6 अक्टूबर को अधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी।
समिट की वजह से दिल्ली में सभी स्कूल बंद
BRICS Summit को देखते हुए दिल्ली सरकार ने 11 सितंबर को सभी स्कूल बंद रखने का ऐलान किया है। इनमें सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूल शामिल हैं। शिक्षा निदेशालय की ओर से 5 सितंबर को जारी आदेश में कहा गया कि उसके अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी स्कूल और कार्यालय दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के पहले के निर्देशों के अनुरूप 11 सितंबर को बंद रहेंगे।
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